ताज़ा खबर
 

थाने में हुई गुड़िया बलात्कार और हत्याकांड के मुलजिम की हत्या, लोगों को साजिश का शक

सनसनीखेज गुड़िया बलात्कार और हत्याकांड के एक मुलजिम सूरज सिंह (29) की हवालात में हत्या से यह मामला और रहस्यमय हो गया है। स्थानीय लोगों को शक है कि इस कत्ल के पीछे भी कोई साजिश हो सकती है।
Author कोटखाई (शिमला) | July 20, 2017 02:58 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

सनसनीखेज गुड़िया बलात्कार और हत्याकांड के एक मुलजिम सूरज सिंह (29) की हवालात में हत्या से यह मामला और रहस्यमय हो गया है। स्थानीय लोगों को शक है कि इस कत्ल के पीछे भी कोई साजिश हो सकती है। पुलिस का कहना है कि नेपालवासी सूरज को मुख्य आरोपी रजिंदर सिंह उर्फ राजू (30) ने मंगलवार रात कोटखाई थाने की हवालात में मौत के घाट उतार दिया। इस हत्याकांड का असर गुड़िया हत्याकांड की जांच-पड़ताल पर पड़ सकता है। इस घटना के बाद लोगों की भीड़ आक्रोश में आ गई और उसने प्रदेश पुलिस का दावा भी सिरे से खारिज कर दिया क्योंकि स्थानीय बाशिंदे व आमजन वैसे भी दुष्कर्म कांड के असल दोषियों को बचाने में लगी पुलिस से खासे नाराज चल रहे हैं और आए दिन यहां धरना-प्रदर्शन करके अपनी नाराजगी जताते आए हैं। यही वजह है कि अब पुलिस हिरासत में एक आरोपी की मौत को भी बाशिंदे ‘साजिश’ करार दे रहे हैं।

इधर, हाई कोर्ट में तलब किए गए आला पुलिस अधिकारियों ने भी आधिकारिक रूप से यह बताने में असमर्थता जताई कि बुधवार दिनभर कोटखाई थाना परिसर में क्या हंगामा होता रहा। सूरज सिंह को थाने के प्रकोष्ठ में राजू व लोकजन उर्फ छोटू नामक दो अन्य आरोपियों के साथ बंद करके रखा गया था। पुलिस हिरासत में आरोपी की ‘हत्या’ का यह वाकया आधी रात का है। थाने की हवालात के बाहर तैनात गार्ड को कुछ लड़ने-झगड़ने का शोर सुनाई दिया तो वह भागकर अंदर पहुंचा। वहां सूरज सिंह खून में लथपथ पड़ा था। आइजीपी-साउथ जहूर जैदी, जो इस बलात्कार कांड में गठित एसआइटी के भी अगुवा हैं, ने बताया कि घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां उसे डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। उन्होंने बताया, शुरुआती तौर पर लगता है कि सूरज पर राजू ने हमला किया होगा। हमलावर ने पहले तो उसके नाजुक अंगों पर हमला किया और बाद में नीचे जमीन पर पटक दिया। जब तक बाहर खड़ा गार्ड उसे बचाने के लिए अंदर दाखिल हो पाता, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हालांकि, यह पुलिस हिरासत में मौत का सीधा मामला है जिसकी अब न्यायिक जांच होगी।

उसका शव पोस्टमार्टम के लिए आइजीएमसी पहुंचाया जाना था। लेकिन आक्रोशित भीड़ ने सड़कों पर जाम लगा रखा था, इसलिए पुलिस को उसे वैकल्पिक रास्तों से शिमला लाना पड़ा। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि बाद में शव का पोस्टमार्टम किया गया।सूरज सिंह के परिवार में पत्नी ममता (21) और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह कोटखाई के ही एक बड़े बागवान के साथ गांव हलाइला में रहता था। आरोपी की इस तरह से थाने में ही निर्मम हत्या के बाद प्रदेश पुलिस की छवि भी धूमिल हुई है। उस पर गुड़िया कांड के असल दोषियों को बचाने के आरोप पहले से ही लगे हैं। इस बलात्कार और हत्याकांड को लेकर शिमला में लोगों का गुस्सा उफान पर है। एसपी डीडब्लू नेगी ने बताया कि कोटखाई थाने के लॉकअप में बंद आरोपी सूरज और राजेंद्र आपस में लड़े और इस दौरान राजेंद्र ने उसकी हत्या कर दी। एसपी ने बताया, राजेंद्र के खिलाफ आइपीसी की धारा-302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और इस मामले की न्यायिक जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में लापरवाही बरतने पर कोटखाई थाने के पूरे स्टॉफ को लाइन हाजिर किया गया है।

सेवानिवृत्त डीजीपी आइडी भंडारी का मानना है कि थाने में एक आरोपी की मौत का असर अब सीबीआइ जांच पर भी पड़ना तय है, जो शायद पुलिस को गुड़िया के असल हत्यारों के नाम-पते बताने पर राजी हो गया था। उन्होंने कहा, चूंकि अब तक की समूची जांच-पड़ताल ही संदिग्ध मालूम पड़ती है, ऐसे में किसी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता। यहां एक बड़ा सवाल यह भी है कि इन आरोपियों को इस तरह से हवालात में एक-साथ रखा ही क्यों गया।बीती 13 जुलाई को पुलिस ने कोटखाई के गांव शराल वासी 23 वर्षीय आशीष चौहान को धरदबोचा था। बाद में उसी रोज गांव हलाइला वासी रजिंदर सिंह (32), पौढ़ी गढ़वाल वासी सुभाष सिंह बिष्ट (42), नेपाल वासी सूरज सिंह (29), नेपाल के ही लोक जन (19) और गढ़वाल वासी दीपक (38) को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग