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पुणे में मराठा और दलितों के बीच भिड़ंत के बाद तनाव

मराठा SC, ST कोटा और अत्याचार निरोधक कानून में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
मराठाओं ने सरकारी नौकरी में आरक्षण के लिए सितंबर में जुलूस निकाला था

सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे मराठाओं और दलितों में गुरुवार को भिड़ंत हो गए। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है। दोनों गुटों के बीच पुणे के लोहेगांव में भिड़ंत हो गई। मराठा समुदाय ने पुणें के लोहेगांव क्षेत्र में  पुलिस स्टेशन तक मार्च किया। ये SC/ST एक्ट को बदलने की मांग कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में कर ली है पर क्षेत्र में तनाव अभी भी व्याप्त है। इस घटना के बाद नासिक में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इससे पहले 25 सितंबर को मराठा समुदाय ने कोपर्डी बलात्कार और हत्या मामले में दोषियों को सजा, शिक्षा और सरकारी नौकरियों में कोटा, एससी, एसटी (अत्याचार निरोधक कानून) में बदलाव, किसानों की कर्ज माफी और कृषि उत्पादों के लिए दर की गारंटी सहित अपनी मांगों को लेकर विभिन्न जिलों में जुलूस निकाला था।

इस जुलूस के आयोजकों ने दावा किया था कि इस जुलूस में रेकॉर्ड 30 लाख लोग शामिल हुए। हालांकि पुलिस का कहना है कि आठ से दस लाख लोग, जिनमें ज्यादातर ग्रामीण इलाकों से थे, इस जुलूस में शामिल हुए थे। इससे पहले हरियाणा में जाटों ने भी आरक्षण की मांग उठाई थी जिसे लेकर हरियाणा में कई हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बाद राज्य में तनाव का माहौल था। हरियाणा के अलावा गुजरात में भी पटेल समुदाय आरक्षण की मांग करता रहा है। हार्दिक पटेल के नेतृत्व में पटेल समुदाय ने भी कई बार आरक्षण के लिए प्रदर्शन किया है।

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