April 27, 2017

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सेना में जाने को इंजीनियर ने छोड़ दी मोटी सैलेरी वाली दफ्तर की नौकरी, कहा- जिंदगीभर यह नहीं कर सकता था

बुलढाणा जिले के सुताला बदरुक गांव के रहने वाले भारत दरबारसिंह यादव ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज की परीक्षा पास कर सेना को चुन लिया।

महाराष्‍ट्र के एक युवक ने सेना में नौकरी करने के लिए देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक टाटा कंसल्‍टेंसी सर्विसेज(टीसीएस) की मोटी सैलेरी वाली नौकरी छोड़ दी।

महाराष्‍ट्र के एक युवक ने सेना में नौकरी करने के लिए देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक टाटा कंसल्‍टेंसी सर्विसेज(टीसीएस) की मोटी सैलेरी वाली नौकरी छोड़ दी। टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार बुलढाणा जिले के सुताला बदरुक गांव के रहने वाले भारत दरबारसिंह यादव ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज की परीक्षा पास कर सेना को चुन लिया। इससे पहले उन्‍होंने साल 2010 में एनडीए की परीक्षा भी दी थी लेकिन वे फेल हो गए थे। 25 साल के जाधव ने जब सेना में जाने की बात अपने साथियों को बताई तो सब हैरान रह गए। जाधव हिंजेवाड़ी स्थित टीसीएस दफ्तर में सिस्‍टम्‍स इंजीनियर थे। भारत की 153 उम्‍मीदवारों में से 108वीं रैंक थी। वे अप्रैल के पहले सप्‍ताह में चेन्‍नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी को ज्‍वॉइन करेंगे। एक साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे शॉर्ट सर्विस कमिशंड ऑफिसर के रूप में सेना में शामिल होंगे।

उन्‍होंने टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया, ”साल 2014 में जब मैंने सिस्‍टम इंजीनियर की नौकरी करना शुरू किया तो उस वक्‍त मुझे पता था कि मैं जिंदगी भर यह काम नहीं कर सकता। शुरुआत में तैयारी के लिए समय निकालना मुश्किल था लेकिन फिर मैंने संतुलन बना लिया।” यादव ने साल 2016 में सीडीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की। उनकी बड़ी बहन सरकारी मेडिकल कॉलेज में नर्स है। वहीं छोटी बहन सहस्‍त्र सीमा बल में हैं। छोटा भाई सेना की कॉर्प्‍स ऑफ सिग्‍नल में जवान है। भारत का कहना है कि वे फील्‍ड पोस्टिंग के लिए इंफ्रेंट्री में जाएंगे।

यादव परीक्षा के साथ ही फिजिकल तैयारी के लिए भी मेहनत करते थे और इसके लिए रोजाना तीन किलोमीटर दौड़ते थे। उनकी मां आंगनवाड़ी में काम करती हैं। यादव जब पांचवीं कक्षा में पढ़ते थे उस समय उनके पिता का निधन हो गया था। शेगांव के श्री संत गजानन महाराज क कॉलेज से उन्‍होंने बीई की डिग्री ली। इसके बाद उन्‍हें टीसीएस में नौकरी मिल गई। सर्विस सलेक्शन बोर्ड(एसएसबी) के इंटरव्यू की तैयारी के बारे में उन्‍होंने कहा कि रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप ब्रह्मांकर से काफी मदद मिली। वे पुणे में अपनी एकेडमी चलाते हैं।

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First Published on February 19, 2017 9:19 pm

  1. N
    Nikhil singh
    Feb 20, 2017 at 1:51 am
    Big salute to you sir
    Reply

    सबरंग