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खाने की तलाश में किचन में घुसा तेंदुआ, देखकर निकल गई लोगों की चीख

नेजमेंट ने परिसर में तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी तुरंत महाराष्ट्र वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक तेंदुआ पूरे किचन में घूम रहा था और बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था।
किचन में घुसा तेंदुआ को देखकर लोगों में मची अफरातफरी।

महाराष्ट्र के पुणे के कॉन्धवा में नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग मैनेजमेंट (NIBM) में उस समय पर चीख-पुकार मच गई जब किचन में तेंदुए को देखा गया। तेंदुए को किचन में फंसा देखकर वहां मौजूद लोगों के हाथ-पैर फूल गए और आनन-फानन में वन विभाग की टीम को बुलाया गया। वन विभाग की 7 सदस्यी टीम ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को बाहर निकाला। वह घटना शनिवार को सुबह 8.30 बजे का है। खाने की तलाश में इंस्टीट्यूट के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कीचन में तेंदुआ घुस गया। हाउस कीपिंग मेंबर ने को पूंछ देखने के बाद एहसास हुआ कि अंदर तेंदुआ फंसा हुआ है। जिसके बाद उसने किचन के दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया। तेंदुए को देखकर लोग दहशत में चीखने लगे। कीपर ने इस बात की जानकारी इंस्टीट्यूट के मैनेजमेंट को दी।

NIBM मैनेजमेंट ने परिसर में तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी तुरंत महाराष्ट्र वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक तेंदुआ पूरे किचन में घूम रहा था और बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था। जिसके बाद वन विभाग के लोगों ने किचन के शीशे को तोड़ दिया और उसके इंजेक्शन देने की कोशिश की। 6वीं कोशिश में तेंदुआ बदहवास हो गया। अधिकारियों के मुताबिक तेंदुए को कटराज स्थित राजीव गांधी जियोलॉजिकल पार्क ले जाया गया और शनिवार शाम को उसे चांदावली के जंगलों में छोड़ दिया गया।

गौरतलब है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से तेंदुए के इस तरह गांव या सड़कों पर दिखाए देने या हमला करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कुछ महीने पहले पुणे के ही जुनार में मादा तेंदुआ को 60 फीट गहरे कुएं से बचाया गया। तीन घंटे तक चले रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया गया। माणिकदोह तेंदुआ बचाव केंद्र और वन विभाग ने मिलकर यह कार्रवाई की और तेंदुए की जांच भी की गई। जुनार डिवीजन के पिंपलगांव सिद्धनाथ गांव के एक व्‍यक्ति ने घर के पास बने कुएं से दहाड़ सुनी। कुएं में तेंदुए को देखकर वह हैरान रह गया और उसने तुरंत वन विभाग को फोन किया। इसके बाद माणिकदोह तेंदुआ बचाव केंद्र के डॉ. अजय देखमुख सहित तीन सदस्‍यीय टीम और वन विभाग के छह अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया।

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