ताज़ा खबर
 

इस राज्य में कानूनन पाल सकते हैं तेंदुए, बाघ और शेर, जानिए क्या हैं शर्त

मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में मौजूद जानवरों को एक साल के लिए गोद ले सकते हैं।
प्रतिकात्मक फोटो।

लोग केवल कुत्ता, बिल्ली और खरगोश पालते हैं। हम आपको एक ऐसे राज्य के बारे में बताते हैं जहां शेर, चीत, बाघ, तेंदुआ से लेकर नीलगाय तक पाल सकते हैं। वह भी कानूनी तरीके से। इसके लिए बस कुछ शर्तें पूरी करने के बाद आप वहां मौजूद किसी भी जानवर को पाल सकते हैं। महाराष्ट्र के मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क (एसजीएनपी) में यह सुविधा दी जा रही है। आप पार्क में मौजूद किसी भी जानवर को 1 साल के लिए गोद ले सकते हैं। इसके बदले में आपको पार्क द्वारा तय की गई फीस देनी होगी। यह फीस नॉन रिफंडेबल होगी। इस फीस को डिमांड ड्राफ्ट के जरिए पार्क को देना होगा। गोद लेने के बाद भी जानवर का मालिकाना हक राज्य के पास ही रहेगा। जिस जानवर को कोई गोद लेगा उसके पिंजरे के बाहर गोद लेने वाले का नाम लिख दिया जाएगा। गोद लेने के बाद एक सप्ताह में एक बार, बिना किसी एक्ट्रा फीस के जानवर से मिला जा सकता है। गोद लेने के बाद जानवर के खाने, दवाई और पिंजरे आदि का इंतजाम भी राज्य की तरफ से ही किया जाएगा। जानवर गोद लेने वाले को अडॉप्शन सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

आइये हम आपको बताते हैं कि किस जानवर को गोद लेने के लिए कितना पैसा देना होगा। अगर आप शेर को गोद लेना चाहते हैं तो एक शेर को एक साल तक गोद लेने के लिए 3,00,000 रुपये देने होंगे। अगर सफेद बाघ को गोद लेना चाहते हैं तो एक सफेद बाघ को एक साल तक गोद लेने के लिए 3,20,000 रुपये देने होंगे। अगर बाघ गोद लेना चाहते हैं तो एक साल तक एक बाघ गोद लेने के लिए 3,10,000 रुपये देने होंगे।

अगर एक तेंदुआ गोद लेना चाहते हैं तो एक तेंदुआ गोद लेने के लिए 1,20,000 रुपये देने होंगे। वहीं अगर जंगली बिल्ली गोद लेना चाहते हैं तो एक साल के लिए एक जंगली बिल्ली गोद लेने के लिए 50,000 रुपये देने होंगे।  वहीं स्पॉटिड हिरण को गोद लेना चाहते हैं तो इसे एक साल के लिए गोद लेने को 20,000 रुपये देने होंगे। अगर नील गाय को एक साल के लिए गोद लेना चाहते हैं तो इसके लिए 30,000 रुपये देने होंगे। अगर हिरण को गोद लेना चाहते हैं तो एक साल के लिए के लिए इसे गोद लेने को 30,000 रुपये देने होंगे।

गुजरात: स्थानीय इलाके में घुसी शेरनी; गांव वालों में दहशत, देखें वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग