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कैबिनेट विस्तार से ‘आहत’ शिवसेना, कहा- हमारा जो अधिकार है, हम हासिल करेंगे

ठाकरे ने कहा कि शिवसेना और शिवसैनिक कभी असहाय के तौर पर किसी के दरवाजे पर नहीं गए और कभी ऐसा नहीं करेंगे।
Author मुंबई | July 6, 2016 01:44 am
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (पीटीआई फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्रिपरिषद के मंगलवार (5 जुलाई) को हुए विस्तार में महाराष्ट्र से जहां दो नए चेहरों को शामिल किया गया है वहीं शिवसेना को कोई जगह नहीं मिलने के बाद भाजपा और उसके बीच पहले ही कमजोर गठजोड़ पर और दुर्बल होने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मंगलवार (5 जुलाई) को नपीतुली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने कभी भाजपा के साथ ब्लैकमेलिंग नहीं की, वहीं उनकी पार्टी की प्रवक्ता मनीषा कायांदे ने उग्र अंदाज में कहा कि पार्टी अपने साथ हुए बर्ताव से आहत है। मनीषा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि उन्हें शिवसेना में मंत्री पद के लिए कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति नहीं दिखाई दिया।

ठाकरे ने बांद्रा स्थित अपने आवास ‘मातोश्री’ पर संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने कभी ब्लैकमेलिंग नहीं की। कभी नहीं कहा कि यह दीजिए या वो दीजिए। जो भी देश के हित में है, मैं उसके साथ हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आज शपथ ग्रहण करने वाले सभी मंत्रियों को बधाई देता हूं। मैं उन्हें मुबारकवाद देता हूं। मुझे उम्मीद है कि वे सभी आजादी से काम कर सकेंगे और कहीं ना कहीं प्रशासन मजबूत होगा।’

ठाकरे ने कहा कि शिवसेना और शिवसैनिक कभी असहाय के तौर पर किसी के दरवाजे पर नहीं गए और कभी ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हमारा जो अधिकार है, हम हासिल करेंगे। किसी की दी गयी खैरात नहीं कबूलेंगे।’ शिवसेना किसी तरह का मोलभाव नहीं करना चाहती, इस तरह का संदेश देते हुए ठाकरे ने कहा, ‘आपने देखा होगा कि अनंत गीते मंगलवार (5 जुलाई) के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थे। मैं मोलभाव नहीं करना चाहता लेकिन उसी समय मैं किसी के आगे असहाय भी नहीं रहूंगा।’ भाजपा से अपेक्षाओं के प्रश्न पर उन्होंने कहा, ‘इस बारे में आपके (मीडिया के) साथ बातचीत के बजाय अपने बीच बातचीत करेंगे।’

शिवसेना अध्यक्ष से जब पूछा गया कि क्या दोनों दलों के बीच सबकुछ ठीक है तो उन्होंने कहा, ‘मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि यह दोनों पार्टियों पर निर्भर करता है कि द्विपक्षीय संबंध कैसे होने चाहिए।’ विस्तार में शिवसेना को मंत्री पद नहीं दिए जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैंने हमेशा यही रुख अपनाया है कि मैं किसी से इसके लिए नहीं कहूंगा।’ क्या शिवसेना महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में होने वाले विस्तार में शामिल होगी, इस प्रश्न पर ठाकरे ने कहा, ‘पहले मेरे साथ आधिकारिक बातचीत हो जाए।’ उद्धव ठाकरे अपनी प्रतिक्रिया में जहां संतुलित नजर आए, वहीं मनीषा कायांदे ने कहा कि शिवसेना मुंबई नगर निगम के चुनावों और महाराष्ट्र में अन्य स्थानीय निकाय चुनावों में इस बात को ध्यान में रखेगी।

मनीषा ने कहा, ‘मोदीजी कह रहे हैं कि वह क्षमता और प्रतिभा के आधार पर अपने मंत्रियों का चुनाव करेंगे ताकि वे अच्छा काम कर सकें। क्या उन्हें शिवसेना में कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति नहीं दिखाई दिया? हम आज के विस्तार से आहत हैं और हमारे सहयोगी द्वारा हमारे साथ किये गये बर्ताव को भविष्य में होने वाले कई स्थानीय निकाय चुनावों में ध्यान में रखेंगे।’ उद्धव ठाकरे ने सोमवार (4 जुलाई) को कहा था कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार पर उनके साथ कोई बातचीत नहीं की है और उनकी पार्टी कृपादृष्टि के लिए किसी के दरवाजे पर जाकर नहीं खड़ी होगी।

मनीषा ने कहा, ‘पार्टी की राय है कि हम किसी मंत्री पद के लिए भाजपा से भीख नहीं मांगेंगे। अगर वे हमें सम्मान के साथ और हमारी मांगों के अनुरूप मंत्री पद देते हैं तो ठीक है। हमारी कुछ विशेष मांगें थीं जिनके लिए हमने कहा था अन्यथा फिर हमें उनसे कोई मंत्री पद नहीं चाहिए।’ अगले साल होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनावों को लेकर गठबंधन की संभावनाओं को हवा देते हुए मनीषा ने कहा कि राज्य में उनकी पार्टी का आधार और मजबूत हो रहा है तथा दूसरे राजनीतिक दलों के लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। इसका परिणाम अगले साल होने वाले बीएमसी के तथा अन्य स्थानीय निकाय चुनावों में दिखाई देगा।

उन्होंने कहा, ‘जब भी शिवसेना और भाजपा के बीच तकरार हुई तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि हमारी समस्याएं आंतरिक हैं, जैसी एक घर में रहने वाले सदस्यों के बीच होती हैं। आज वे अपने ही घर के सदस्यों को भूल गये और हमें महत्व नहीं दिया?’ केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना से एकमात्र प्रतिनिधि अनंत गीते हैं जो भारी उद्योग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। पिछले कुछ महीने से शिवसेना ने भाजपा पर और राजग सरकार की नीतियों पर हमले तेज कर दिए जिनमें अधिकतर उसके मुखपत्र ‘सामना’ के माध्यम से किए गए और अकसर उनमें भाजपा पर चुटकी ली जाती है।

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