ताज़ा खबर
 

ऑडियो क्लिप में घिरीं पंकजा मुंडे, पुजारी को दे रही हैं ‘धमकी’

पंकजा मुंडे ने कथित तौर पर कहा कि वह ग्रामीण इलाकों में छोटे छोटे कामों के वित्तपोषण वाली एक योजना ‘25-15’ के तहत रुपया देकर किसी को भी खरीद सकती हैं।
Author मुंबई | October 8, 2016 13:33 pm
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और मंत्री पंकजा मुंडे। (पीटीआई/फाइल फोटो)

महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद एक ताजा विवाद में फंस गयी हैं जिसमें वह दशहरा पर एक भाषण की अनुमति लेने के लिए अहमदनगर जिले के भगवानगढ पहाड़ी मंदिर के एक पुजारी को ‘धमकी’ देती सुनाई दे रही हैं। असत्यापित ऑडियो में पंकजा परली में नामदेव शास्त्री महराज के समर्थकों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की भी बात कहती नजर आ रही हैं। ये समर्थक उनका विरोध कर रहे हैं। बातचीत में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह ग्रामीण इलाकों में छोटे छोटे कामों के वित्तपोषण वाली एक योजना ‘25-15’ के तहत रुपया देकर किसी को भी खरीद सकती हैं।

पंकजा यह कहते सुनाई देती हैं, ‘मैंने अपने लोगों से कहा है कि हम 11 (अक्तूबर) तक लड़ाई नहीं लड़ना चाहते हैं। मैं आप (लोग) को खरीद सकती हूं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहती हूं। जो कुछ भी अतीत में मैंने आपको दिया है आपने मांगा और मैंने दिया। क्या आपको याद है कि मैंने 25-15 में से रुपए दिए? अब मैं आपको रुपया नहीं दूंगी।’ असत्यापित ऑडियो के अनुसार वह कह रही हैं, ‘नामदेव शास्त्री जी के साथ क्या किया जाए इसके बारे में भविष्य में विचार किया जाएगा। हमें दशहरा समारोह करवाना है और इसलिए हम अपनी ओर से कुछ भी गलत नहीं करना चाहते।’

पंकजा को कहते सुना गया है, ‘हम सीधे भी नहीं हैं। हमारे लोग पारली में लोगों को पीट सकते हैं और उनके खिलाफ फर्जी मामले दायर करवा सकते हैं और यहां से जाने को विवश कर सकते हैं।’ ऑडियो क्लिप पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि यह मंत्री के द्वारा सत्ता का ‘घोर दुरूपयोग’ है और ऐसे में उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए। मुंडे ने कहा, ‘हम ऑडियो में सुनी उनकी बातों को लेकर बहुत गंभीर हैं। कानून बनाने के लिए जिम्मेदार लोग कानून को अपने हाथों में लेने की बात कर रहे हैं। उन्हें अब मंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।’

उन्होंने आगे कहा कि लोगों के उत्थान के लिए बनी एक योजना से लोगों को खरीदने की बात करके वह सरकार के साथ ‘धोखा’ कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि कम से कम अब मुख्यमंत्री उन्हें क्लीन चिट देने का ड्रामा नहीं करेंगें।’ हालांकि इस मुद्दे पर पंकजा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी लेकिन उनके निजी सचिव ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है। इस साल की शुरुआत में सूखाग्रस्त लातूर की अपनी यात्रा के दौरान सेल्फी लेने पर वह निशाने पर आ गयी थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग