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महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव 2017: शरद पवार के हाथ से निकला पुराना गढ़, राज ठाकरे बने सबसे बड़े लूजर

महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव नतीजे 2017: पुणे में एनसीपी को तो नासिक में मनसे भाजपा ने बड़ा झटका दिया है।
राज ठाकरे और उनकी पार्टी मनसे के हाथ से नासिक और शरद पवार की एनसीपी के हाथ से पुणे महानगरपालिका फिसल गयी है। दोनों जगहों पर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। (एजेंसी फोटो)

महाराष्ट्र की 10 महानगर पालिकाओं के चुनाव में नतीजों से सबसे अधिक खुश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) होगी तो शरद पवार और राज ठाकरे सर्वाधिक दुखी होंगे। जहां भाजपा एशिया के सबसे अमीर नगर निगम वृहन मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में शिव सेना से महज कुछ सीटों पीछे है वहीं पुणे महानगरपालिका में उसने एनसीपी को पीछे छोड़ दिया है। भाजपा ने नासिक महानगरपालिका मनसे के हाथ से छीन ली है। मिनी-विधान सभा चुनाव कहे जा रहे है इन चुनावों में भाजपा के लिए सबसे बड़ी खुश खबरी ये रही कि वो राज्य के ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस और एनसीपी के वोट बैंक में सेंध मारने में कामयाब रही है।

भाजपा नागपुर और नासिक में बहुमत हासिल करने का साथ ही पुणे, पिंपरी चिंचवाड, अकोला, अमरावती, सोलापुर और उल्हासनगर महानगरपालिकाओं में बढ़त हासिल करने में कामयाब रही है। बीएमसी की कुल 227 सीटों में से 84 शिव सेना और 81 भाजपा की झोली में गई हैं। वहीं कांग्रेस को 31, एनसीपी को नौ और राज ठाकरे की मनसे को सात सीटें मिली हैं। 14 सीटें अन्य के खाते में गयी हैं। चूंकि शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नतीजे आने से पहले ही साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी को अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला तो वो भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। शिव सेना ने नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले भाजपा के साथ दो दशकों से पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। 2012 में बीएमसी में एक साथ मिलकर लड़ने के बावजूद शिव सेना को 70 और भाजपा को 31 सीटों पर जीत मिली थी।

नगर निकाय में भी साल 2014 में हुए विधान सभा चुनावों वाली कहानी दुहराती नजर आ रही है। विधान सभा चुनाव में जहां भाजपा राज्य की कुल 288 सीटों में से 122 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी वहीं एनसीपी राज्य में चौथे स्थान पर फिसल गयी थी। 2014 में एनसीपी को 41 सीटों पर जीत मिली थी जबकि 2009 के चुनाव में 62 विधायकों के साथ वो राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी। एनसीपी इस नगर निकाय चुनाव में भी थाणे, पुणे और पिंपरी चिंतवाड में दूसरे स्थान पर दिख रही है लेकिन उसके हाथ से निकली सीटों और भाजपा के पाले में गई सीटें से साफ है कि उसके वोट सत्ताधारी पार्टी की ओर खिसक रहे हैं।

ये नगर निकाय चुनाव मनसे प्रमुख राज ठाकरे के लिए भी अच्छे नहीं रहे। जहां उनके हाथ से नासिक महानगरपालिका फिसल गयी है वहीं बाकी प्रमुख महानगरपालिकाओं में भी वो टॉप 4 में नहीं दिख रही है। नासिक में 2012 के महानगरपालिका चुनाव में जहां मनसे पहले स्थान पर थी वहीं एनसीपी दूसरे। लेकिन इस साल पूरी बिसात ही पलटी हुई नजर आ रही है। अभी तक मिले रुझान के अनुसार जहां भाजपा यहां बहुमत पाती दिख रही है वहीं दूसरे स्थान पर शिव सेना है। भाजपा कांग्रेस के हाथ से सोलापुर महानगरपालिका भी झटकती नजर आ रही है। राज ठाकरे के लिए भी 2014 के विधान सभा चुनावों ही स्थिति नगरपालिका चुनाव में भी रही। साल 2009 की 13 सीटों से मनसे 2014 में एक सीट पर सिमट गयी थी।

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