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महाड़ पुल ध्वस्त: सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश, पांच शव बरामद हुए

मुंबई से 170 किलोमीटर दूर महाड़ के नजदीक देर मंगलवार को हुई इस घटना में 22 लोगों को लेकर जा रही दो सरकारी बसें बह गयी थी।
Author महाड़ (महाराष्ट्र) | August 4, 2016 20:54 pm
रायगढ़ जिले में महाड़ के नजदीक अंग्रजों के जमाने का बना पुल एक तरफ से ध्वस्त हो गया (PTI Photo by Santosh Hirlekar)

महाराष्ट्र सरकार ने अंग्रजों के जमाने के एक पुल के ध्वस्त होने की न्यायिक जांच की गुरुवार (4 अगस्त) को घोषणा की । इस पुल के ध्वस्त हो जाने से दो बसों में 22 लोग लापता हो गए तथा बचावकर्मियों ने उफनती सावित्री नदी से पांच शव निकाले हैं। मुंबई से करीब 170 किलोमीटर दूर महाड़ के नजदीक मुंबई-गोवा राजमार्ग पर मंगलवार (2 अगस्त) को एक पुराने पुल के ध्वस्त हो जाने के बाद दो बसें और कुछ अन्य वाहन नदी के पानी में बह गए थे। मंगवालर को भारी वर्षा हुई थी। राज्य सरकार की इन बसों में ड्राइवर समेत 22 लोग सवार थे।

पुलिस ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों के 40 घंटे के सघन अभियान के बाद बचावकर्मी पांच शव बरामद कर पाए हैं। रायगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय पाटिल ने बताया, ‘अबतक हमारी टीमें पांच शव बरामद कर पायी हैं। उनमें तीन महिलाओं और दो पुरूषों के शव हैं।’ उन्होंने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। स्थानीय मछुआरों के अलावा तटरक्षक बल, एनडीआरएफ, नौसेना के करीब 160 कर्मी करीब 20 नौकाओं की मदद से दो बसों और अन्य वाहनों को ढूढने में जुटे हैं। स्थानीय प्रशासन ने लापता हो गए लोगों के रिश्तेदारों के लिए हेल्प सेंटर भी स्थापित किया है।

इससे पहले गुरुवार (4 अगस्त) को सुबह लापता बसों का पता लगाने के लिए क्रेन की मदद से 300 किलोग्राम का मैग्नेट पानी में उतारा गया। राज्य परिवहन निगम के हादसाग्रस्त बसों में एक के ड्राइवर गोरखनाथ मुंडे के बेटे दीपक मुंडे ने इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया लेकिन उसने उम्मीद नहीं छोड़ी है। उसने कहा, ‘हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि मेरे पिता जिंदा निकल आएंगे।’ तीन घंटे की सघन तलाश के बाद नदी से बाहर निकले एक एनडीआरएफ जवान ने कहा, ‘पानी का तेज प्रवाह हमारे लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर रहा है लेकिन यह हमारे मिशन में अवरोधक नहीं बनने जा रहा।’

विधानसभा में इस विषय पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने काह, ‘एक न्यायिक जांच करायी जाएगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने पुलों के संरचनात्मक परीक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं। फड़णवीस ने कहा कि वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री को इस जर्जर पुल के बारे में शिकायतें मिली थीं। विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्णा विखे पाटिल ने कहा कि एक शव दुर्घटनास्थल से 100 किलोमीटर दूर मिला है जो यह दर्शाता है कि तलाश अभियान का दायरा बढ़ाने की जरूरत है।

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