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सड़क मरम्मत घोटाला: BMC के मुख्य इंजीनियर गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा पुलिस हिरासत में

बीएमसी की जांच समिति ने प्रथम दृष्टया दोनों इंजीनियरों को दोषी पाया था।
Author मुंबई | July 8, 2016 16:56 pm
मुंबई नगर पालिका (बीएमसी)

मुंबई नगर पालिका (बीएमसी) के दो चीफ इंजीनियरों को कई करोड़ रुपए के कथित सड़क मरम्मत घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में एक स्थानीय अदालत ने उन्हें 11 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चीफ इंजीनियर 57 वर्षीय अशोक पवार और 54 वर्षीय उदय मुरच्च्दकर को बुधवार देर शाम गिरफ्तार किया गया और कल अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 11 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों इंजीनियरों ने शहर में ‘‘सुधर चुकी सड़कों’’ की जांच किए बगैर ही ठेकेदारों के बिल मंजूर कर दिए थे। इस कथित घोटाले में शुरच्च्आती जांच के बाद इस अप्रैल माह से दोनों इंजीनियर निलंबित हैं। आरोप है कि 354 करोड़ रुपए की लागत से दक्षिण मुंबई, पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों में 34 सड़कों की मरम्मत के कार्य में लगे ठेकेदारों ने घटिया काम किया था।

निलंबन से पहले पवार बीएमसी के सड़क और यातायात विभाग में चीफ इंजीनियर थे जबकि मुरच्च्दकर सतर्कता विभाग में चीफ इंजीनियर थे। बीएमसी की जांच समिति ने प्रथम दृष्टया दोनों इंजीनियरों को दोषी पाया था। उसके बाद बीएमसी आयुक्त अजय मेहता ने सड़क निर्माण या मरम्मत का ठीक से निरीक्षण नहीं करने के आरोप में दोनों इंजीनियरों के निलंबित कर दिया। इस मामले में मुंबई पुलिस ने पहले ही 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी सड़कों की मरम्मत करने वाले निजी ठेकेदार हैं। इनमें से 20 जमानत पर हैं।

पिछले साल अक्तूबर में मुंबई की मेयर स्नेहल आंबेडकर ने खराब सड़कों की ओर बीएमसी का ध्यान आकर्षित किया था जिसके बाद बीएमसी के आयुक्त ने सड़क विभाग और ठेकेदारों के बीच भ्रष्ट गतिविधियों की जांच करवाई थी और कार्रवाई करनी शुरू की थी। मेहता ने अप्रैल में मेयर को इस बाबत रिपोर्ट जमा कर दी है।

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