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मराठवाड़ा में खिला कमल, ढहा कांग्रेस का किला: पहली बार लातूर निकाय चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत, शिवसेना जीरो

2012 के निकाय चुनावों में बीजेपी को लातूर से एक भी सीट नहीं मिली थी, जबकि कांग्रेस ने 49, एनसीपी ने 13 और शिवसेना ने 6 सीटें जीती थीं।
मराठवाड़ा के अन्य शहर परभनी में कांग्रेस के लिए स्थिति थोड़ी बेहतर थी, जहां उसने एनसीपी से नियंत्रण हासिल किया।

महाराष्ट्र में बीजेपी का विजयरथ जारी है। लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रहे मराठवाड़ा के लातूर निकाय चुनावों में बीजेपी ने पहली बार जीत हासिल की है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.विलासराव देशमुख के गृहनगर लातूर में कांग्रेस पार्टी का दशकों से म्युनिसिपल कॉरपोरेशन पर राज रहा है। बीजेपी ने लातूर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की 70 सीटों में से 36 पर जीत हासिल की है, जबकि बॉलिवुड स्टार रितेश देशमुख के कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रचार करने के बाद भी पार्टी को सिर्फ 33 सीट मिलीं। इन चुनावों को देशमुख परिवार के लिए नाक का सवाल माना जा रहा था।

टाइम्स अॉफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 2012 के निकाय चुनावों में बीजेपी को लातूर से एक भी सीट नहीं मिली थी, जबकि कांग्रेस ने 49, एनसीपी ने 13 और शिवसेना ने 6 सीटें जीती थीं। मराठवाड़ा के अन्य शहर परभनी में कांग्रेस के लिए स्थिति थोड़ी बेहतर थी, जहां उसने एनसीपी से नियंत्रण हासिल किया। 65 सदस्यों वाली निकाय संस्था में कांग्रेस को 31 सीटें, एनसीपी ने 18, शिवसेना ने 6, बीजेपी ने 8 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 सीटें हासिल की थीं। साल 2012 में कांग्रेस ने परभनी ने 23 सीटें हासिल की थीं, एनसीपी ने 30, शिवसेना ने 8, बीजेपी और अन्यों ने 2-2 सीटें जीती थीं। वहीं 66 सदस्यों वाली चंद्रापुर की निकाय संस्था के लिए 2012 में हुए चुनावों में कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन के बावजूद बीजेपी ने विदर्भ सीट पर जीत हासिल की थी। बीजेपी ने अपनी वोटों की संख्या यहां दोगुनी करते हुए 36 कर ली है।

बाकी अन्यों में कांग्रेस ने 12, एनसीपी ने 2, शिवसेना ने 2, बीएसपी ने 8, एमएनएस ने 2 और निर्दलीयों ने 4 सीटें जीती हैं। 2012 में 26 सदस्यों वाली निकाय संस्था में कांग्रेस ने बीजेपी ने 18, एनसीपी ने 4, शिवसेना ने 5, बीएसपी ने 2 एमएनएस ने 1 और निर्दलीयों ने 10 सीटें जीती थीं। बीजेपी की शानदार जीत पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पार्टी ने एक बार फिर इतिहास रचा है। इसी साल फरवरी में 10 कॉरपोरेशन के लिए हुए चुनावों में बीजेपी ने कांग्रेस को एकल अंक के आंकड़े तक धकेल दिया था। पिछले साल बीजेपी ने जिला परिषद् के अध्यक्ष पद में 25 में से 10 सीटें जीती थीं।

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