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महाराष्ट्र सरकार के 25 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट में बाबा रामदेव, गायों के लिए 800 एकड़ जमीन

रविवार को गडकरी ने एेलान किया कि राज्य सरकार पतंजलि लिमिटेड की मदद से विदर्भ के हेती गांव में 800 एकड़ जमीन पर 25000 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू करेगी।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और योग गुरु बाबा रामदेव।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विदर्भ के गाय प्रोजेक्ट के लिए बाबा रामदेव को एक हजार करोड़ जमीन मुहैया कराने की गुजारिश की थी। रविवार को गडकरी ने एेलान किया कि राज्य सरकार पतंजलि लिमिटेड की मदद से विदर्भ के हेटी गांव में 800 एकड़ जमीन पर 25000 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू करेगी। गडकरी के मुताबिक पतंजलि ब्रीडिंग सेंटर बनाने और डेयरी व अन्य गतिविधियों के लिए 10 हजार गायें खरीदेगा। जब सहयोगी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने पूछा कि क्या सीएम ने प्रोपोजल को दो दिनों में मंजूरी दे दी तो सीएम अॉफिस के सूत्रों ने कहा, ”यह अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय तक नहीं पहुंचा है।” वार्धा के कलेक्टर शैलेश नवल ने बताया कि हेटी (कुंडी) में पहले से ही राज्य पशुपालन विभाग का गाय प्रजनन केंद्र है। उसका विकास किए जाने का प्रोपोजल है, लेकिन इसे पशु पालन विभाग की ओर से आना चाहिए था।

पशु पालन विभाग के आयुक्त कांतिलाल उमप ने कहा कि हेटी (कुंडी) में देसी गायों का एक प्रजनन केंद्र है। यह करीब 328 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें से 40.80 हेक्टेयर्स हमारे डिपार्टमेंट का है और वन विभाग के तहत आने वाली 227.2 हेक्टेयर भूमि पर हमारा चराई अधिकार है। इस केंद्र का जीर्णोद्धार करने का प्रस्ताव है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप, स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप या बिल्ड अॉपरेट ट्रांसफर के तहत बनाया जाएगा, इस पर विचार चल रहा है। इस मामले पर केंद्र मंत्री, मुख्यमंत्री और पशुपालन विभाग के मंत्रियों के बीच बातचीत जारी है।

दूसरी ओर पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ” हम एक सेवा उन्मुख परियोजना बनाना चाहते हैं, जो कि मूल रूप से गायों का फार्म होगा। यह एक कमर्शियल प्रोजेक्ट है। गडकरी जी ने हमें विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है, जिसे मुख्यमंत्री के सामने पेश किया जाएगा।” जब पूछा गया कि क्या पतंजलि जमीन खरीदेगा तो उन्होंने कहा, ”नहीं। जैसा मैंने कहा कि यह कमर्शियल प्रोजेक्ट है और इससे देश को फायदा मिलेगा। हम 500 करोड़ का निवेश कर सरकारी जमीन से संचालन करेंगे। अगर यह पीपीपी के आधार पर होता है तो यह अच्छा काम करेगा, क्योंकि इसके जरिए प्रोजेक्ट चलाने के लिए हमें सरकार से फंड भी मिल सकेगा।”

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