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बचाव अभियान दल का नदी में तेज बहाव और मगरमच्छों से सामना

पुल बहने से लापता हुए लोगों की तलाश करने के लिए बचावकर्मियों ने बुधवार को सावित्री नदी में पानी के तेज बहाव और मगरमच्छों की मौजूदगी का सामना किया।
Author मुंबई | August 11, 2016 02:00 am

पुल बहने से लापता हुए लोगों की तलाश करने के लिए बचावकर्मियों ने बुधवार को सावित्री नदी में पानी के तेज बहाव और मगरमच्छों की मौजूदगी का सामना किया। ये लोग रायगढ़ जिले के पास महाड में एक पुल ढहने से पानी में बहे वाहनों के साथ लापता हो गए हैं। वहीं लापता हुए लोगों के परेशान रिश्तेदारों ने खोज अभियान की सुस्त रफ्तार को लेकर गुस्सा जाहिर किया।

अब तक 26 शवों को बरामद किया गया है जबकि तकरीबन 14 अब भी लापता हैं और उनके मारे जाने का अंदेशा है। दो अगस्त को मुंबई गोवा राजमार्ग पर एक पुल के ढहने के बाद राज्य परिवहन की दो बसें और कुछ अन्य गाड़ियां नदी में बह गई थीं। खोज दलों ने तब तक अभियान जारी रखने का निर्णय लिया है जबतक वे सभी शव और पानी में बही गाड़ियों के अवशेष बरामद नहीं कर लेते।

रायगढ़ के स्थानिक उप कलेक्टर सतीश बगल ने बताया, ‘खोज अभियान जारी है। एनडीआरएफ की टीम, नौ सेना, तट रक्षक बल और स्थानीय गोताखोर काम पर लगे हुए हैं।’ बगल ने कहा, ‘हम (खोज) अभियान को बंद नहीं कर रहे हैं और इसे जारी रखेंगे।’ उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होने कहा, ‘जैसे ही और जब भी हमारी एजंसियां एक भी शव या गाड़ी के अवशेष बरामद करती हैं तो हम इस बारे में मुंबई में स्थापित आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देते हैं।’

बगल ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री घटनाक्रम पर बारीक नजर रखे हुए हैं। यह पूछे जाने पर कि सुरक्षा एजंसियां और शवों या बही गाड़ियों का पता लगाने या बरामद करने में क्यों विफल रहीं है, बगल ने कहा कि तेज बहाव और कीचड़ वाला पानी खोज दल के सामने चुनौती पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि तलाश करने के कुछ इलाके मगरमच्छों के घर हैं लिहाजा उन्हें अपने अभियान के दौरान और अधिक सतर्कता बरतनी पड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘एक बार पानी का स्तर कम हो जाए, तो गोताखोर अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सक्षम हो जाएंगे।’ एनडीआरएफ की पांचवीं बटालियन के कमांडेंट अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी चार टीमें सुबह से काम पर लगी हुई हैं। प्रत्येक टीम में 40 सदस्य हैं। इस बीच, रायगढ़ प्रशासन ने पीड़ितों के करीब 100 रिश्तेदारों के लिए अस्थायी आवास का इंतजाम किया है जो घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं।
लापता लोगों के कुछ रिश्तेदारों ने और शवों व पानी में बह गई गाड़ियों को बरामद करने में विफलता को लेकर गुस्सा जाहिर किया था। बगल ने कहा, ‘हां, उनका गुस्सा और निराशा जायज है। इसीलिए वरिष्ठ अधिकारी मंगलवार को तलाश अभियान में शामिल हुए ताकि मृतकों के परिजनों की चिंताओं का निदान कर सकें और अभियान में इस्तेमाल किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और तकनीकों के बारे में उन्हें सूचित कर सकें।’

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