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शौचालय पर तकरार: महिलाओं का आरोप- ऊंची जाति वालों ने तोड़ दिए हमारे शौचालय और बाहर जाने पर देते हैं पीटने की धमकी

दलित महिलाओं का कहना है कि कुछ सवर्ण जाति के लोगों ने उनके शौचालय तक तोड़ दिए हैं और ये लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
ऊंची जााति के लोगों का कहना है कि शौचालयों के दरवाजे उनके घर की ओर खुलते हैं। (Photo Courtesy: EXPRESS ARCHIVE)

एक ओर जहां जातिवाद को खत्म करने की बात की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ आज भी कई जगहों पर ये मतभेद जारी है। आलम ये है कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर बराखेरा गांव से करीब 50 किलोमीटर दूर बराखेरा गांव में जातीय टकराव शुरू हो चुका है। यहां दो जातियों के बीच तनाव बना हुआ है।

दलित महिलाओं का कहना है कि कुछ सवर्ण जाति के लोगों ने उनके शौचालय तक तोड़ दिए हैं और ये लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। महिलाओं ने बताया कि दरअसल शौचालय के दरवाजे ऊंची जाति वालों के घर के सामने खुलते थे।

एक महिला का कहना है कि ऊंची जाति के लोग शौच के लिए बाहर जाने पर हमें पीटने की धमकी दे रहे हैं। वो लोग ना तो हमें हमारे शौचालय में जाने दे रहे हैं और ना ही खुले में। ऐसी स्थिति में हम करें तो करें क्या?

आलम ये है कि ये लोग अपने घरों के पीछे मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर सवर्ण जाति के लोगों का कहना है कि शौचालय से सड़क हमेशा गंदी रहती है। इस वजह से आने-जाने तक का रास्ता नहीं बचता। हम लोगों को ऐसी जगह से आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

मामले पर जिला पंचायत के सीईओ हर्ष दीक्षित का कहना है कि ‘एक टीम का गठन कर स्थिति को जांचने के लिए भेजा जा चुका है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया दी जा सकती है।’ हालांकि अब अधिकारी मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है, जिससे शौचालय भी बन जाए और उसके दरवाजों सवर्णों के घर की तरफ भी ना खुलें।

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