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अमित शाह बोले- शिवराज के नेतृत्व में ही लड़ेंगे एमपी असेंबली चुनाव, ‘अबकी बार 200 के पार’

मध्य प्रदेश विधान सभा में कुल 230 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास वर्तमान में 165 सीटें हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के कब्जे में 56 सीटें हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पास चार सीटें हैं जबकि तीन सीटों पर निर्दलीय विधायक हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह। (फाइल फोटो)

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने साफ किया है कि अगले साल के अंत में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव पार्टी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ही लड़ेगी। इससे पहले 12 घंटे की देरी से तीन दिवसीय दौरे पर भोपाल हवाई अड्डे पर पहुंचे अमित शाह का भव्य स्वागत किया गया। भोपाल पहुंचकर शाह ने शहर के लालघाटी चौराहे पर स्थापित जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का लोकार्पण किया और वहां से प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। कार्यालय पर मध्य प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लता एलकर के नेतृत्व में भाजपा महिला मोर्चा ने उनका भव्य स्वागत किया। उनके स्वागत में सड़क के दोनों किनारों पर खड़े लोगों में कई बुर्का पहनी हुई महिलाएं भी नजर आई।

भाजपा ने अगले साल मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में कुल 230 में से 200 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, जबकि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददातओं को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया, ‘‘भाजपा ने वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ‘अबकी बार 200 के पार’ का नारा दिया है। इस चुनाव में हमारी पार्टी 200 से ज्यादा सीटों पर जीतेगी।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘इसके अलावा, वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर कब्जा करेगी। इसके लिए हमने अभी से अभियान शुरू कर दिया है।’’ तोमर यहां केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के तीन दिवसीय भोपाल दौरे के दौरान होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेने आये हुए हैं।

बता दें कि मध्य प्रदेश विधान सभा में कुल 230 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास वर्तमान में 165 सीटें हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के कब्जे में 56 सीटें हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पास चार सीटें हैं जबकि तीन सीटों पर निर्दलीय विधायक हैं। वहीं, एक सीट कांग्रेस विधायक के निधन के कारण खाली है और भाजपा की एक सीट पर अदालत ने स्थगनादेश लगा रखा है। वर्ष 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा को प्रदेश की कुल 29 लोकसभा सीटों में से 27 सीटें मिलीं थी, जबकि कांग्रेस को दो सीटें गुना (ज्योतिरादित्य सिंधिया) एवं छिंदवाड़ा (कमलनाथ) मिली थी।

गौरतलब है कि रतलाम-झाबुआ सीट से भाजपा सांसद दिलीप सिंह भूरिया के निधन के कारण हुए वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया ने इस सीट को भाजपा से छीन लिया। इस प्रकार वर्तमान में मध्य प्रदेश में भाजपा के पास लोकसभा की 26 सीटें हैं और कांग्रेस के पास तीन सीटें हैं।

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