June 23, 2017

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युवक ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में राहुल गांधी का नाम दर्ज कराने के लिए दिया आवेदन

राहुल गांधी का नाम दर्ज कराने के लिए विशाल ने आवेदन के समय जमा कराने वाली फीस का भुगतान भी कर दिया है।

Author हौशंगाबाद | March 19, 2017 20:12 pm
कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी। (File photo)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की सिफारिश की जा रही है। यह सोचने वाली बात है कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा क्या किया है जो उनके नाम की सिफारिश की गई है। चौंकिए नहीं हम आपको इसके पीछे की सच्चाई से रु-ब-रु कराने जा रहे हैं। यह कारनामा मध्य प्रदेश के एक युवक ने किया है जो कि होशंगाबाद जिले का रहने वाला है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र विशाल दीवान का कहना है कि कांगेस को करीब 27 चुनावों में हार मिली है जो कि हार का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। राहुल गांधी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो इसके लिए विशाल ने गिनीज बुक के प्रबंधन को पत्र भी भेजा है।

विशाल का कहना है कि पिछले पांच सालों में कांग्रेस को जीत दिलाने में नाकाम राहुल गांधी का यह बहुत बड़ा रिकॉर्ड है जिसके लिए उनका नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज होना चाहिए। राहुल गांधी का नाम दर्ज कराने के लिए विशाल ने आवेदन के समय जमा कराने वाली फीस का भुगतान भी कर दिया है। इस पर बात करते हुए विशाल ने कहा कि गिनीज बुक ने इसकी पुष्टि तो कर दी है कि उन्हें मेरे द्वारा भेजा गया आवेदन मिल गया है लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इस प्रकार का रिकॉर्ड गिनीज वाले दर्ज करते हैं या नहीं।

हाल ही में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद कांग्रेस आलाकमान को गहरा झटका लगा है। सिर्फ एक राज्य पंजाब में उसे सरकार बनाने का मौका मिला है, जबकि मणिपुर और गोवा में ज्यादा सीटें होते हुए भी वह सरकार नहीं बना पाई और दोनों राज्यों में बीजेपी के मुख्यमंत्रियों ने शपथ ले ली। कभी देश की राजनीति पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी आज फर्श पर है। पार्टी के पास कोई एेसा नेता नहीं है जो मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने टिक सके।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अगुआई में पार्टी कई चुनाव हारी है। यहां तक कि उसके गढ़ माने जाने वाले राज्य उसके हाथ से निकल गए। अमेठी और राजबरेली में बीजेपी उम्मीदवारों की जीत से सोनिया और राहुल गांधी के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। कई राजनीतिक पंडित तो यह भी अनुमान लगा रहे हैं कि हालात यही रहे तो पार्टी कहीं 2019 के लोकसभा चुनावों तक गायब ही न हो जाए। आइए आपको बताते हैं एेसे कारण जो इशारा करते हैं कि पार्टी कहीं 2019 तक खत्म ही न हो जाए।

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First Published on March 19, 2017 8:12 pm

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