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चिता जलाने के लिए नहीं खरीदी लकड़ियां तो दुकानदार ने कूड़ें में फेंकवा दी महिला की अस्थियां, परिवार परेशान

कोतवाली थाना क्षेत्र के चतुर्वेदी नगर में रहने वाले मनीष की मां मुन्नी देवी का गुरुवार शाम को देहांत हो गया, जिसके बाद मनीष ने अपनी मां का अंतिम संस्कार स्थानीय श्मशान घाट में किया।
श्मशान से गायब हुई महिला की अस्थियां, परिवार वाले परेशान। (Representative Image)

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में श्मशान घाट से अस्थियां गायब होने का मामले सामने आया है। श्मशान घाट में अस्थियां ना मिलने और चोरी की आशंका पर गुस्साए परिजनों ने एन.एच. 92 पर जाम लगा दिया। काफी हंगामे के बाद एसडीएम द्वारा दोषियों पर कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के बाद जाम खोला गया। फिलहाल पुलिस ने अस्थियां गायब करवाने के आरोप में चिता के लिए लकड़ी बेचने वाले ब्रजेश को हिरासत में ले लिया है। हिन्दू धर्म और रीति-रिवाजों के अनुसार श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के बाद अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया जाता है। लेकिन जब अस्थियां उठाने जाएं और वहां पर अस्थियों और राख की जगह झाड़ू लगी मिले तो ऐसे में उस बेटे पर क्या गुजरेगी जिसे अंतिम दर्शन और गंगा में प्रवाहित करने के लिए अपनी माँ की अस्थियां ही ना मिलें।

कोतवाली थाना क्षेत्र के चतुर्वेदी नगर में रहने वाले मनीष की मां मुन्नी देवी का गुरुवार शाम को देहांत हो गया, जिसके बाद मनीष ने अपनी मां का अंतिम संस्कार स्थानीय श्मशान घाट में किया। लेकिन शनिवार को जब वह अपनी मां की अस्थियां उठाने के लिए पहुंचे तो वहां का नजारा देख कर दंग रह गया, वहां पर ना तो अस्थियां मिलीं और न ही राख। प्रथम दृष्ट्या यह मामला “श्मशान से चोरी” का समझ आया पर बाद में पता चला कि उनकी मां की अस्थियों को नगरपालिका की कचड़ा गाड़ी में भरकर फिकवा दिया गया है। जानकारी लगने और नज़ारा देख परिजनों के होश उड़ गए जिस पर उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए नेशनल हाईवे 92 पर जाम लगा दिया। जाम की खबर सुनकर पुलिस के साथ स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया।

इस मामले में प्रारंभिक छानबीन करने पर पता चला कि पीड़ित परिवार ने अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट के सामने स्थित लकड़ी विक्रेता से लकड़ियां न खरीदते हुए कहीं और से लकड़ियां खरीद लीं और लाकर अपनी मां का अंतिम संस्कार कर दिया। इस बात से लकड़ी विक्रेता ब्रजेश नाराज हो गया और जब शुक्रवार को नगर पालिका के सफाई कर्मचारी आए तो बृजेश ने उनके साथ मिलकर मनीष की मां की अस्थियों को राख सहित कूड़े में फिंकवा दिया। पुलिस ने लकड़ी विक्रेता बृजेश को हिरासत में लेते हुए अन्य दोषियों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। और काफी मान मनऊवल के बाद आक्रोशित लोगों ने जाम खोलाऔर शांत हुए।

( जनसत्ता.कॉम के लिए कीर्ति राजेश चौरसिया की रिपोर्ट)

 

 

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