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सिमी सदस्यों का एनकाउंटर: ATS चीफ ने कहा- मारे गए लोगों के पास नहीं था कोई हथियार

शमी का यह बयान भोपाल पुलिस के आईजी योगेश चौधरी के उस दावे से बिलकुल उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि मारे गए लोगों के पास चार देसी पिस्तोल थी और वह पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे।
एनकाउंटर में ढेर सिमी का एक सदस्य। (Photo By Rajesh Chaurasia)

मध्य प्रदेश की जेल से फरार हुए 8 सिमी सदस्यों और कुछ घंटे बाद मुठभेड़ में उनके मारे जाने के मामले में मध्य प्रदेश एटीएस चीफ ने चौकाने वाला खुलासा किया है। मप्र एंटी-टेरर स्क्वाड के चीफ संजीव शमी ने बुधवार को कहा कि जिन 8 सिमी सदस्यों को स्पेशल टास्क फोर्स ने मुठभेड़ में मारा था उनके पास कोई हथियार नहीं था। शमी का यह बयान भोपाल पुलिस के आईजी योगेश चौधरी के उस दावे से बिलकुल उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि मारे गए लोगों के पास चार देसी पिस्तोल थी और वह पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे।

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र सरकार ने भी यही बयान दिए थे कि अंडर ट्रायल सिमी आतंकियों को इसलिए मारा गया क्योंकि वह पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे। हालांकि संजीव शामी ने यह भी साफ कर दिया कि पुलिस यह पूरा अधिकार है कि वह भाग रहे संदिग्ध आतंकियों को गोली मार सकते हैं। शमी ने कहा कि पुलिस तब भी अधिकतम फोर्स का प्रयोग कर सकती है जब कि उन पर गोलियां नहीं चलाई गई हों। बता दें कि शमी के टीम के सदस्य भी एनकाउंटर करने वाली टीम के करीब थे। NDTV की खबर के मुताबिक शामी ने कहा, “मैं अपने बयान पर कायम हूं और सिर्फ तथ्यों पर बात करता हूं।”

वीडियो में देखिए, क्या है सिमी संगठन का मकसद

बुधवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फरार कैदियों को कई बार अलग-अलग दिशाओं से गोली मारी गई। हर एक आरोपी को कम से कम 2 गोली लगी हैं। घटना की कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है, जिसमें पुलिस ऑफिसर्स जमीन पर पड़े एक शख्स को गोली मार रहे हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने दावा किया था कि जेल से फरार हुए सिमी के सदस्य एक बड़े आतंकी हमले की फिराक में थे। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई लोगों ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार दिया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षियों से अपील की थी कि वह इस मामले में पुलिस पर संगीन आरोप लगाना बंद करें और “संदिग्ध आतंकियों” का साथ ना दें।

भोपाल मुठभेड़ सामने आया कथित वीडियो-

बता दें कि सिमी के 8 सदस्य सोमवार तड़के ड्यूटी पर मौजूद हेड कॉन्स्टेबल को मारकर भोपाल की सेन्ट्रल जेल से फरार हो गए थे।  सोमवार दोपहर सभी 8 सदस्यों को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस ने बताया कि फरार कैदियों के पास हथियार भी थे। आतंकियों की फायरिंग के बदले पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की और क्रॉस फायरिंग में सभी फरार कैदी मारे गए।

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