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आतंकवादी मामलों की सुनवाई के लिए बनें फास्ट ट्रैक अदालतें: चौहान

विपक्ष और पीड़ितों के परिजनों ने इस कथित ‘एनकाउंटर’ में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
Author भोपाल | November 3, 2016 04:32 am
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। (File Photo)

आतंकवाद के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की वकालत करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि सजा सुनाए जाने से पहले आरोपी सालों तक जेल में रहते हैं और वहां चिकन-बिरयानी खाते हैं। उन्होंने कथित मुठभेड़ में सिमी के आठ कार्यकर्ताओं को मारे जाने में पुलिस की भूमिका का बचाव किया।

मध्य प्रदेश के 61वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार देर रात राजधानी में आयोजित एक समारोह में चौहान ने कहा कि उन्हें सजा देने में सालों लगते हैं। वे जेल में चिकन बिरयानी खाते रहते हैं। वे भागते हैं और अपराधों व हमलों में शामिल होते हैं। अगर हमारे यहां भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर फास्ट ट्रैक अदालतें हो सकती हैं तो आतंकवादियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें क्यों नहीं हो सकतीं?

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चौहान ने बुधवार को भोपाल केंद्रीय जेल का दौरा कर अधिकारियों को यहां की सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ प्रदेश के मुख्य सचिव बीपी सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला, प्रदेश के जेल महानिदेशक संजय चौधरी भी मौजूद थे। इस जेल से सोमवार रात सिमी से जुड़े आठ कैदी जेल के एक सिपाही की हत्या करने के बाद फरार हो गए थे। इसके कुछ घंटों बाद ही भोपाल पुलिस ने शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर मणिखेड़ा पठार के पास कथित मुठभेड़ में इन्हें मार गिराया था।

 

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