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मध्‍य प्रदेश: दुल्‍हनों को स्‍मार्टफोन खरीदने के लिए तीन हजार रुपए देगी शिवराज सरकार

प्रत्येक कन्या को स्मार्ट फोन खरीदने के लिए 3,000 रुपये का चेक पृथक से दिया जायेगा।
Author , April 29, 2017 17:10 pm
जबलपुर में नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। (Source: PTI)

महिलाओं को सशक्त बनाने एवं नकदी रहित लेन-देन को बढ़ावा देने के मकसद से मध्यप्रदेश सरकार ‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना’ के तहत शादी करने वाली प्रत्येक दुल्हन को स्मार्ट फोन खरीदने के लिए 3,000 रुपये का चेक पृथक से देगी। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने आज यहां बताया, ‘‘मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना’ में मंत्रीपरिषद् के निर्णय अनुसार प्रत्येक कन्या को स्मार्ट फोन खरीदने के लिए 3,000 रुपये का चेक पृथक से दिया जायेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में अब तक 3,86,103 कन्याओं के विवाह एवं 9,403 कन्याओं के निकाह योजना में सम्पन्न हो चुके हैं।’’ ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना’ में प्रदेश के गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित, निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या:परित्यक्तता के सामूहिक विवाह के लिये 25,000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें से दाम्पत्य जीवन की खुशहाली के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 17,000 रुपये है, जो कन्या के नाम से एकाउंट-पेई चेक के द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम में ही कन्या को दे दी जाती है। इसके अलावा, विवाह संस्कार के लिए कन्या को दी जाने वाली आवश्यक सामग्री के लिए 5,000 रूपये तथा सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ग्रामीण-शहरी निकाय को 3,000 रूपये की राशि व्यय करने का प्रावधान है।

हड़ताली एंबुलेंस कर्मियों ने कराया मुंडन

मध्यप्रदेश में समान काम के बदले समान वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर गए 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने शनिवार को सरकार के रवैए के खिलाफ मुंडन कराया। हड़ताल का शनिवार को चौथा दिन है। वहीं दूसरी ओर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने हड़ताल को अमानवीय बताया है। मप्र 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के मीडिया प्रभारी असलम खान ने कहा, “शनिवार को 25 कर्मचारियों ने धरनास्थल पर ही मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इसके अलावा बीते तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे 46 कर्मचारियों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, मगर स्वास्थ्य विभाग का अमला उनका परीक्षण करने तक नहीं आ रहा है।”

खान ने आरोप लगाया, “एंबुलेंस कर्मचारियों से आठ घंटे के बजाय 12 घंटे काम कराया जाता है और उन्हें आठ घंटे का भी वेतन नहीं मिल रहा है। एंबुलेंस कर्मियों को नौ से 11 हजार रुपये मासिक दिए जाते हैं, जबकि दूसरे राज्यों में एंबुलेंस कर्मियों को 16 से 19 हजार रुपये दिए जाते हैं।”

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