December 06, 2016

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‘8 सिमी आतंकियों की मुठभेड़ में मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग’

सिमी आतंकियों के वकील परवेज आलम ने कहा, ‘यह हैरतअंगेज बात है कि अधिकारी कह कर रहे हैं कि आरोपी जेल की 32 फुट चारदीवारी को फांदकर भागे। क्या यह संभव है।’

Author भोपाल | November 1, 2016 13:49 pm
भोपाल केंद्रीय कारा से भागे सिमी के 8 आतंकियों को अचरपुर गांव के नजदीक पुलिस और एटीएस की संयुक्त काररवाई में मार गिराया गया। आतंकियों के शवों के साथ पुलिस और एटीएस के जवान। (PTI Photo/31 Oct, 2016)

पुलिस एवं एटीएस के साथ कथित मुठभेड़ में आठ सिमी आतंकियों के मारे जाने के एक दिन बाद उनके वकील परवेज आलम ने मंगलवार (1 नवंबर) को कहा कि वह इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में जाएंगे। इस मुठभेड़ को फर्जी एवं नृशंस बताते हुए आलम ने बताया, ‘मृतकों के शोकाकुल परिजनों ने मेरे पास आ कर न्याय की मांग की है। हम पूरी घटना की सीबीआई जांच की मांग को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह हैरतअंगेज बात है कि अधिकारी कह कर रहे हैं कि आरोपी जेल की 32 फुट चारदीवारी को फांदकर भागे। क्या यह संभव है।’

ये सिमी कार्यकर्ता कपड़े की चादरों की सहायता से सोमवार तड़के दो से तीन बजे के बीच जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए थे। भागने से पहले उन्होंने स्टील की नुकीली प्लेट और कांच से सिपाही की गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी। बाद में इन सभी आठ सिमी आतंकियों को खोज कर मार गिराया गया था। आलम ने बताया, ‘टीवी के फुटेज दिखा रहे हैं कि पुलिस और एटीएस गोलियां चला रही हैं। आरोपियों द्वारा गोलीबारी करने का कोई प्रमाण नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘यह फर्जी मुठभेड़ एवं नृशंस हत्याएं हैं’।

आलम ने बताया कि भोपाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक योगेश चौधरी ने सोमवार (31 अक्टूबर) रात मीडिया को बताया था कि आरोपियों ने लॉकअप को खोलने के लिए टूथ ब्रश से चाबियां बनाई थीं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, ‘क्या कोई उस उच्च सुरक्षा वाले भोपाल केन्द्रीय जेल के ताले टूथ ब्रश से चाबियां बनाकर खोल सकता है, जिसे आईएसओ सर्टिफिकेट मिला हो।’ आलम ने आरोप लगाया, ‘ये अधिकारी कैसा झूठ बोल रहे हैं।’ उन्होंने बताया, ‘मुठभेड़ में सोमवार (31 अक्टूबर) को मारे गए आरोपियों का अंतिम संस्कार करने के बाद हमारा पहला काम न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का होगा।’ आलम ने कहा कि मारे गए सात आरोपियों के परिजन भोपाल पहुंच गए हैं और अंतिम संस्कार के लिए अपने-अपने करीबियों के शवों को अपने-अपने पैतृक स्थानों में ले जाएंगे।’

उन्होंने बताया कि अब तक मोहम्मद खालिद के शव के लिए किसी ने दावा नहीं किया है। वह महाराष्ट्र के शोलापुर का रहने वाला है। आलम ने कहा कि शेख मुजीद के परिजन उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए अहमदाबाद ले जा रहे हैं, जबकि अब्दुल मजीद के शव को उसे परिजन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में महीदपुर इलाके में ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए बाकी बचे हुए आरोपी अमजद खान, जाकिर हुसैन, मोहम्मद सालिक, शेख महबूब और अकील खिलजी मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के रहने वाले थे और उन सभी के शवों को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थानों में ले जाया जा रहा है।

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First Published on November 1, 2016 1:38 pm

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