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एमपी: 100 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 5 वर्षीय बच्चा, इलाज के दौरान अस्पताल में मौत

मौके पर पहुंचे बचावकर्मियों ने पूरी रात काम कर सत्यम को बोरवेल से निकाला।
बोरवेल से निकाले जाने तक सत्यम जिंदा था।

मध्य प्रदेश के सिहौर जिले में 5 साल के एक बच्चे की बोलवेल में गिरने से मौत हो गई। एएनआई के अनुसार गुरुवार की देरा रात सत्यम अंधेरे के कारण कुछ देख नहीं पाया और वह 100 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। इसकी जानकारी तुरंत ही बचाव दल को दी गई। मौके पर पहुंचे बचावकर्मियों ने पूरी रात काम कर सत्यम को बोरवेल से निकाला। बोरवेल से निकाले जाने तक सत्यम जिंदा था। उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले फरवरी में बेहरी खुद गांव में 1 साल का एक बच्चा 50 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया था, जिसे 17 घंटे तक चले बचावकर्मियों के ऑपरेशन के बाद उसे बचा लिया गया था। वहीं कुछ महीने पहले सिंगरौली जिले में भी इस तरह की घटना सामने आई थी।

ऐसा ही एक मामला पिछले साल राजस्थान के सीकर जिले में देखने को मिला था। यहां एक बोरवेल कई दिनों से खोला हुआ था और उसके पास में कोई चेतावनी भी नहीं लिखी थी। इस बोरवेल में खेलते हुए ढाई साल का मोंटू नाम का लड़का गिर गया था। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत ही कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों की मदद से बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन बच्चा जब तक दम तोड़ चुका था। इससे पहले अलवर जिले में कोमल नाम की एक बच्ची बोरवेल में गिर गई थी। उसे बाहर निकालने के लिए सैन्य अधिकारियों और आपदा प्रबंधन दल ने बहुत कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया लेकिन बच्ची मर चुकी थी।

इस प्रकार के मामले हर राज्य में देखने को मिलते हैं, जहां पर किसी बच्चे की जान बचा ली जाती है तो कहीं पर प्रशासन की लापरवाही के कारण कई बच्चों की जान चली जाती है। इस तरह के मामले बढ़ते जा रहे हैं लेकिन प्रशासन गहरी नींद सोया हुआ है। प्रशासन बोरवेल खुदवा तो देता है लेकिन इसे ढ़कना उसे याद नहीं रहता। जिसके कारण मासूम बच्चे इसकी बलि चढ़ जाते हैं।

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First Published on May 19, 2017 11:35 am

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