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मध्यप्रदेश: बजरंग दल के नेता की हत्या के बाद विदिशा में तनाव, कई घरों को लगाई आग, लगा कर्फ्यू

विदिशा में रहने वाले बजरंग दल के नेता दीपक कुशवाह का उसके घर के पास किसी ने मर्डर कर दिया था।
बजरंग दल के नेता की हत्या के बाद गुस्साई भीड़। (फोटो सौजन्य: राजेश चौरसिया)

मध्यप्रदेश के विदिशा शहर में बजरंग दल के सहसंयोजक की कुछ लोगों द्वारा हत्या करने के विरोध में शनिवार की शाम बाजार बंद रहे। इसके बाद रविवार के बजरंग दल के आह्वान पर शहर पूरी तरह बंद रहा। पुलिस ने किसी भी तरह की हालात खराब हो, इससे निपटने के लिए काफी इंतजाम किए थे। तनाव उस वक्त शुरू हुआ, जब मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद घर लाया जा रहा था। इस दौरान लोगों ने कई जगह हंगामा किया पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग भी किया। लेकिन गुस्साए लोगों ने बक्सरिया मोहल्ले में कुछ दुकानों में तोड़ फोड़ और आगजनी की। उपद्रवियों ने इस बीच एक टूक भी फूंक दिया तो जिला मजिस्ट्रेट अनिल सुचारी ने अनिश्चितकाल के लिए शहर में कर्फ्यू घोषित कर दिया।

कलेक्टर अनिल सुचारी ने बताया, ‘तकरीबन दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर जिले के शहरी सीमा (विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) में कर्फ्यू लगा दिया गया है। शहर में तनाव है और हम लोगों से अपने-अपने घरों में रहने के लिए अनुरोध कर रहे हैं, ताकि स्थिति को जल्द काबू में किया जा सके।’

तनाव उस वक्त शुरू हुआ, जब मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद घर लाया जा रहा था। दूसरे समुदाय के लोगों ने शनिवार को पुरानी रंजिश के चलते इस व्यक्ति की दिनदहाड़े चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार घास-फूस के लगभग तीन घरों को जला दिया गया और कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में हुए पथराव में तीन व्यक्तियों को चोटें भी आई हैं। कर्फ्यू लगाने से एक घंटे पहले जिला प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत एहतियाती तौर पर निषेधाज्ञा लगा दी थी। लेकिन जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कर्फ्यू लगा दिया गया। पुलिस ने हत्या के मामले में 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कल उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था।

बता दें, विदिशा में रहने वाले 20 साल के दीपाक कुशवाह नाम के लड़के का उसके घर के पास किसी ने धारधार हत्यार से मर्डर कर दिया। दीपक के घरवाले उसे पास के एक हॉस्पिटल भी लेकर गए थे लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी। उसके पैर से ज्यादा खून निकलने की वजह से उसकी मौत हुई। दीपक की मौत के बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने शहर में दुकानों को नहीं खुलने दिया। दीपक कुछ दिन पहले ही बजरंग दल में शामिल हुआ था। उसे शहर का सह-संयोजक बनाया गया था।

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गुस्साई भीड़ द्वारा एक ट्रक में लगाई गई आग। (फोटो सौजन्य: राजेश चौरसिया) गुस्साई भीड़ द्वारा एक ट्रक में लगाई गई आग। (फोटो सौजन्य: राजेश चौरसिया) गुस्साई भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। (फोटो सौजन्य: राजेश चौरसिया) गुस्साई भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। (फोटो सौजन्य: राजेश चौरसिया)

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