June 28, 2017

ताज़ा खबर
 

मुस्लिम समुदाय ने मंदिर निर्माण के लिए दान की कब्रिस्तान की जमीन

राजस्थान के सीकर में कोलिडा गांव के मुस्लिम समुदाय ने कब्रिस्तान की जमीन मंदिर निर्माण के लिए दान कर दी।

Author नई दिल्ली | November 24, 2016 17:33 pm
प्रतिकात्मक तस्वीर

राजस्थान के सीकर जिले के लोगों ने आपसी सद्भाव की एक नई मिसाल पेश की है। सीकर जिले के कोलिडा गांव में मुस्लिम समुदाय द्वारा इस्तेमाल में बंद हो चुके एक कब्रिस्तान की, जमीन हिंदू समुदाय के लोगों को मंदिर का निर्माण करने के लिए दान की है।

बीते कई सालों से कब्रिस्तान की जमीन का कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा था। ऐली स्थिति में मुसलिम समुदाय ने इसे दान
करने का फैसला किया। मुस्लिम समुदाय ने कुल दो बीघा के क्षेत्रफल की जमीन दान की है। हिंदुस्तान टाइम्स की इस खबर के मुताबिक गांव का जाट समुदाय से जुड़े मील समाज को मंदिर निर्माण के लिए जमीन की जरूरत थी।

ऐसे में गांव के मुसलमान उनकी इस मदद करने के लिए आगे आए। गांव के पंचों में से एक मोहम्मद इशाक बताते हैं कि मंदिर के लिए जमीन की जरूरत की खबर मिलते ही उन्होंने मुस्लिम समुदाय के सभी लोगों और बुजुर्गों से बातचीत की।

सभी सदस्यों के साथ बातचीत के बात जमीन को मंदिर निर्माण के लिए दान करने का फैसला लिया गया। जमीन दो हिस्सों में दान की गई थी। सबसे पहले 1 बीघा जमीन दी गई थी जिस पर सुर्जल माता के मंदिर का निर्माण किया गया था।

इसके बाद दो साल पहले जब मंदिर का निर्माण कार्य बढ़ाने का काम शुरु हुआ तो और ज्यादा जमीन की जरूरत पड़ी। ऐसी स्थिति में में मंदिर की जरूरत को देखते हुए आधा बीघा और जमीन मुस्लिम समाज द्वारा दान कर दी गई।
वहीं गांव के लोगों का कहना है कि दोनों समुदायों के बीच में काफी गहरा सद्भाव है।

बीते शुक्रवार को जब मंदिर निर्माण पूरा हुआ तो और उसका शिलान्यास किया गया तो इसमें बड़ी तदादा में दोनों समुदायों से लोग मजूद थे।

वीडियो: राम मंदिर पर बोले सुब्रमण्यम स्वामी; कहा- “राम मंदिर बीजेपी के घोषणापत्र का हिस्सा, इससे भाग नहीं सकते”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 24, 2016 5:05 pm

  1. S
    Sidheswar Misra
    Nov 24, 2016 at 2:12 pm
    यही राष्ट्रप्रेम। महजिद तोडना मंदिर तोडना ही राष्ट्रद्रोह है।
    Reply
    सबरंग