ताज़ा खबर
 

नियुक्ति विवाद: भाई-भतीजावाद को रोकने के लिए कानून बनाएगी केरल की एलडीएफ सरकार

औद्योगिक विभाग में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कुछ नियुक्तियों को लेकर हुए विवाद के कारण यह निर्णय किया गया है।
Author तिरुवनंतपुरम | October 14, 2016 05:18 am
केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन (Source: PTI)

केरल की सरकार ने गुरुवार को निर्णय किया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में महत्त्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति में भाई-भतीजावाद को रोकने के लिए एक कानून लाएगी। औद्योगिक विभाग में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कुछ नियुक्तियों को लेकर हुए विवाद के कारण यह निर्णय किया गया है। इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में गुरुवार को सुबह यहां हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। कैबिनेट ने उन नियुक्तियों के संबंध में आई विभिन्न शिकायतों की जांच मुख्य सचिव एस एम विजयनंद को सौंपी है, जो विवादास्पद हुए हैं। मुख्यमंत्री का हवाला देते हुए एक बयान में कहा गया है, ‘यह नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद को रोकने के लिए है।’

कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में प्रबंध निदेशक और महाप्रबंधक जैसे पदों की नियुक्ति के लिए अब सतर्कता मंजूरी अनिवार्य होगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भविष्य में राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में वरिष्ठ पदों की नियुक्ति राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की एक समिति करेगी। उद्योग मंत्री ई पी जयराजन ने राज्य की कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में महत्त्वपूर्ण पदों पर अपने कुछ करीबी रिश्तेदारों की नियुक्ति कर दी थी, जिसके बाद से एलडीएफ सरकार को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

जयराजन ने अपने भतीजे पीके सुधीर और कन्नूर से माकपा सांसद एमपी श्रीमथी के बेटे को केरल राज्य औद्योगिक उद्यम लिमिटेड में प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया था। मंत्री ने अपने भाई की बहू दीप्ति निशाद को कन्नूर स्थित ‘केरल क्ले एंड सरैमिक्स प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ की महाप्रबंधक के रूप में नियुक्ति भी की थी।इस मुद्दे पर कांगे्रस नेतृत्व वाली यूडीएफ एवं भाजपा द्वारा आंदोलन शुरू करने से माहौल गरमा गया, जिसके चलते सुधीर की नियुक्ति को सरकार ने रद्द कर दिया और दीप्ति, जिसने प्रभार ले लिया था, ने पद से इस्तीफा दे दिया।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग