ताज़ा खबर
 

पश्‍चिम बंगाल में जमीन मिलने में दिक्‍कत के चलते फेल हुआ केंद्र सरकार का बड़ा प्‍लान

कोलकाता के लोगों को साल 2019 तक घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने की केन्द्र सरकार की अहम योजना अधर में लटक गई है। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने इसके लिए केन्द्र सरकार को अबतक जमीन मुहैया नहीं कराया है। राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा है कि कोलकाता बहुत ही घना बसा हुआ […]
Author October 6, 2016 20:14 pm
एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

कोलकाता के लोगों को साल 2019 तक घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने की केन्द्र सरकार की अहम योजना अधर में लटक गई है। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने इसके लिए केन्द्र सरकार को अबतक जमीन मुहैया नहीं कराया है। राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा है कि कोलकाता बहुत ही घना बसा हुआ शहर है, इसलिए भूमि अधिग्रहण में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसबीच, केन्द्र सरकार ने हल्दिया से वाराणसी को जोड़नेवाली गैस पाइपलाइन योजना को आगे बढ़ा दिया है।

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कोलकाता व इसके आसपास के क्षेत्रों में पाइप से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति अगले तीन साल में शुरू करने की योजना बनाई है। मंत्रालय ने इसके लिए 12000 करोड़ रुपए के निवेश का प्रावधान भी किया है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा, ‘कोलकाता को रसोई के लिए पाइप से प्राकृतिक गैस मिलेगी। जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन स्थापित करने के लिए एक मजबूत योजना बनाई गई है जिसके लिए 12000 करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी।’ उन्होंने कहा कि इस योजना पर खर्च आनेवाली राशि का 40 फीसदी हिस्सा केन्द्र सरकार वहन करेगी जबकि शेष खर्च सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल वहन करेगी।

वीडियो देखिए: यूपी के दादरी में तनाव

प्रधान ने कहा कि जगदीशपुर से हल्दिया तक 2000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने से पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय इस बारे में पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क में है और वह इस बारे में केद्र सरकार की मदद कर रही है।’ प्रस्तावित पाइपलाइन से राज्य में उर्वरक कारखानों को मदद मिलेगी। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कोलकाता में तेल या गैस पाइपलाइन बिछाना एक कठिन कार्य है क्योंकि यहां आबादी घनी है और उसके नीचे खुदाई करने से आधारभूत संरचनाओं के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।”

Read Also-ममता ने धारण किया देवी दुर्गा का रूप

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग