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केजी बेसिन के मुद्दे पर कांग्रेस ने नहीं चलने दी राज्यसभा

कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी अगस्तावेस्टलैंड मुद्दे पर भी चर्चा चाहती है और वह भाग नहीं रही है।
राज्यसभा में हंगामा करते विपक्षी। (PTI Photo)

कैग की रिपोर्ट में गुजरात की केजी बेसिन गैस परियोजना में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर सदन में चर्चा और प्रधानमंत्री के जवाब की मांग कर रहे कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की बैठक बार-बार बाधित हुई। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया कि इस मुद्दे पर राज्य की पीएसी विचार कर रही है व कांग्रेस अगस्ता वेस्टलैंड सौदे से ध्यान बंटाने के लिए यह हंगामा कर रही है। बाद में सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस पर सभापति का जो भी निर्णय होगा, वह उसे स्वीकार करेगी। इस मुद्दे पर हंगामे के कारण सदन की बैठक पांच बार स्थगित हुई व भोजनावकाश के पहले सदन में कामकाज बाधित रहा।

सोमवार (2 मई) को बैठक शुरू होने पर कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने केजी बेसिन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गुजरात सरकार के अंतर्गत आने वाला निकाय गुजरात राज्य पेट्रोलियम कारपोरेशन (जीएसपीसी) केजी बेसिन गैस क्षेत्र का प्रबंधन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कैग ने अपनी रिपोर्ट में इसी प्रबंधन को लेकर 30,000 करोड़ रुपए की अनियमितताओं का जिक्र किया है। इसी पार्टी के आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर चर्चा की जाए और स्थिति साफ हो। इस पर उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि अगर नोटिस दिया गया है तो सभापति उस पर विचार करेंगे। इस पर असंतोष जाहिर करते हुए कांग्रेस सदस्य आसन के समक्ष आ कर नारे लगाने लगे। कुरियन ने कहा आसन के सामने आना और नारेबाजी करना सही नहीं है और स्वीकार्य भी नहीं है। इससे आपको आखिर क्या हासिल होगा।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राज्य विधानसभाओं की लोक लेखा समितियां कैग की रपटों पर विचार करती हैं और संसद में इन पर चर्चा नहीं की जाती। दोपहर दो बजे बैठक फिर शुरू होने पर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने यह मुद्दा फिर उठाया। इस पर सदन के नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुजरात की केजी गैस परियोजना से जुड़ी कैग की रिपोर्ट पर चर्चा कराने की कांग्रेस की मांग से असहमति जताते हुए दावा किया कि विपक्षी पार्टी गैर-मुद्दे को मुद्दा बना कर ध्यान हटाने की रणनीति अपना रही है। हालांकि बाद में सरकार की ओर से कहा गया कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस पर सभापति का जो भी फैसला हो, वह उसे स्वीकार करेगी।

जेटली ने राज्यसभा में कहा कि कैग की रिपोर्ट पर गुजरात विधानसभा की लोक लेखा समिति विचार कर रही है और इसलिए इस मुद्दे को यहां सदन में उठाना गलत उदाहरण बनेगा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तृणमूल कांग्रेस के नोटिस से ध्यान हटाने वाली रणनीति के तहत यह मुद्दा उठाया है। इसका प्रतिवाद करते हुए विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह आरोप सही नहीं है और हमने इसके लिए चार पांच दिन पहले ही नोटिस दिया है।

कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी अगस्तावेस्टलैंड मुद्दे पर भी चर्चा चाहती है और वह भाग नहीं रही है। कांग्रेस के जयराम रमेश ने भी जेटली पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सदन के नेता ने विशिष्ट अंदाज में गुमराह करने वाले कई बयान दिए हैं। उन्होंने कहा कि चर्चा के लिए सोमवार को नहीं, बल्कि उन्होंने पांच दिन पहले नोटिस दिया है। आजाद ने कहा कि यह सवाल परियोजना के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कर्ज के रूप में लिए गए हजारों करोड़ रुपए का है जो बर्बाद हो गया है।

इस मुद्दे के राज्य का विषय होने के जेटली के दावे का प्रतिवाद करते हुए आजाद ने कहा कि तेल एवं गैस उत्खनन राष्ट्रीय विषय है। यह साफ है कि अपतटीय गैस उत्खनन केंद्र का विषय है और हम जो मुद्दा उठा रहे हैं वह राष्ट्रीय महत्व का है। बैंकों से हजारों करोड़ों रुपए के ऋण लिए गए थे। इसी दौरान कांग्रेस सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए। उसके जवाब में भाजपा सदस्यों ने भी नारेबाजी की। सदन में हंगामा थमते नहीं देख उपसभापति पीजे कुरियन ने बैठक दोपहर बाद तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

दोपहर तीन बजे बैठक फिर शुरू होने पर आजाद ने यह मुद्दा दोबारा उठाते हुए जानना चाहा कि इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने के बारे में सरकार का क्या रुख है। इस पर संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि चर्चा के नोटिस मुद्दे पर सभापति जो भी निर्णय करेंगे, सरकार उसे मंजूर करेगी। सरकार के इस आश्वासन के बाद सदन में सामान्य ढंग से कामकाज होने लगा।

बाद में संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सदन में अनावश्यक मुद्दे उठाकर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा-‘कांग्रेस पार्टी जनता का ध्यान अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले से हटाना चाहती है। इसलिए वे संसद में अनावश्यक और बिना बात के मुद्दे उठा रहे हैं।’ नायडू ने कहा कि यह राज्य का विषय है और कांग्रेस गलत जगह इस मुद्दे को गलत कारणों से उठा रही है।

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