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मंत्रियों के रिश्‍तेदारों को मलाईदार पद देकर फंसी केरल की लेफ्ट सरकार, हो सकती है कार्रवाई

जोसेफाइन को वी एस अच्युतानंदन का जबर्दस्त समर्थक माना जाता है।
Author तिरुवनंतपुरम | October 12, 2016 20:54 pm
केरल कैबिनेट का एक दृश्‍य।

माकपा नीत केरल की एलडीएफ सरकार लगता है कि सरकारी उपक्रमों में मलाईदार पदों पर मंत्रियों के रिश्तेदारों की नियुक्ति को लेकर अपने अब तक के सबसे बुरे संकट का सामना कर रही है। यह संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उधर, विपक्षी कांग्रेस ने विवादों के केंद्र में आए उद्योग मंत्री ई पी जयराजन के इस्तीफे या उन्हें बर्खास्त करने की मांग है। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी नयी दिल्ली में संकेत दिया कि कार्रवाई की जा सकती है। येचुरी ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो भी फैसला किया गया है उसमें सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सचिवालय की बैठक 14 अक्तूबर को तिरुवनंतपुरम में होगी।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या कोई कार्रवाई की जाएगी तो उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर।’’ केपीसीसी अध्यक्ष वी एम सुधीरन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जयराजन को या तो इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। मामले को पार्टी के अंदरूनी मुद्दे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। कांग्रेस 17 अक्तूबर को विधानसभा में मार्च निकालेगी, जब पूजा की छुट्टियों के बाद सदन की बैठक फिर से होगी। कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने जयराजन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सतर्कता निदेशक को पत्र लिखा है। सतर्कता विभाग ने ऐसा समझा जाता है कि कानूनी राय मांगी है। जयराजन ने अपने भतीजे पी के सुधीर को नियुक्त किया था। सुधीर कन्नूर के सांसद पी के श्रीमति के पुत्र हैं। उन्हें केरल स्टेट इंडस्ट्रियल इंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के तौर पर इस महीने की शुरूआत में नियुक्त किया गया था। हालांकि, जब मामला विवादास्पद हो गया तो उनकी नियुक्ति को सरकार ने रद्द कर दिया। जयराजन की एक अन्य करीबी रिश्तेदार दीप्ति निषाद ने केरल क्लेज एंड सेरामिक प्रोडक्ट्स लिमिटेड, कन्नूर के महाप्रबंधक पद से आज इस्तीफा दे दिया।

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विपक्ष ने आरोप लगाया कि जयराजन के बड़े भाई की पुत्रवधू दीप्ति को पीएसयू में बिना जरूरी योग्यता के नियुक्त किया गया था। माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने आज जयराजन के साथ एकेजी सेंटर में तकरीबन एक घंटे तक बातचीत की। उन्होंने उनके द्वारा कथित तौर पर की गई विभिन्न नियुक्तियों का विवरण मांगा। जयराजन ने पार्टी कार्यालय जाने के बाद मीडिया से बातचीत करने से इंकार कर दिया। इस बीच, मीडिया में आई खबरों के अनुसार माकपा की केंद्रीय समिति की सदस्य एम सी जोसफाइन ने कोडियेरी बालाकृष्णन के खिलाफ अहम पदों पर पार्टी नेताओं के रिश्तेदारों की नियुक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

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जोसेफाइन को वी एस अच्युतानंदन का जबर्दस्त समर्थक माना जाता है। उन्होंने कथित तौर पर अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मौजूदा विवाद से पार्टी और चार माह पुरानी पिनराई विजय के नेतृत्व वाली सरकार की बदनामी हुई। उन्होंने विशेष तौर पर केरल में एलडीएफ की सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में उच्च न्यायालय में पार्टी नेताओं के रिश्तेदारों की सरकारी वकील के तौर पर नियुक्ति का उल्लेख किया। जोसेफाइन ने इस मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से गंभीर आत्ममंथन की भी मांग की।

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First Published on October 12, 2016 8:54 pm

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