December 09, 2016

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सत्‍ताधारी सीपीएम के नेता ने सार्वजनिक किया गैंगरेप पीड़‍िता का नाम, मंत्री ने कहा- तो इसमें गलत ही क्‍या है

पिछले सप्‍ताह 32 साल की पीड़‍िता ने चेहरा छिपाते हुए अपने पति और एक्टिविस्‍ट्स के साथ प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की थी।

केरल की स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री केके शैलजा।

केरल के कोच्चि में सत्‍ताधारी सीपीएम के एक नेता द्वारा गैंगरेप पीड़‍िता का नाम उजागर किए जाने पर विवाद हो गया है। सोमवार को केरल की स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने सीपीआई (एम) के एक वरिष्‍ठ नेता का बचाव करते हुए कहा कि उन्‍होंने थ्रिसूर गैंगरेप पीड़‍िता के नाम का खुलासा कर कुछ गलत नहीं है। पीड़‍िता ने आरोप लगाया था कि उसके पति के चार दोस्‍तों, जिनमें सीपीआई (एम) का एक नेता भी शामिल था, ने मिलकर उसका गैंगरेप किया। चौंका देने वाले बयान में मंत्री शैलजा ने कहा कि पूर्व स्‍पीकर राधाकृष्‍णन द्वारा रेप पीड़‍िता का नाम लिया जाना ‘कोई बड़ी बात नहीं है।’ डेक्‍कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक, मंत्री ने कहा, ”अगर पूर्व स्‍पीकर राधाकृष्‍णन ने पीड़‍िता का नाम लिया है तो आप भले ही इसे बड़ा मुद्दा बनाना चाहें। मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ गलत है। पीड़‍िताएं, उनके माता-पिता आमतौर पर अपना नाम छिपाना चाहते हैं क्‍योंकि इससे शर्मिंदगी जुड़ी है, लेकिन उन्‍होंने कुछ गलत नहीं किया है।” आपको बता दें कि बलात्‍कार पीड़‍िता का नाम सार्वजनिक करने पर दो साल तक की जेल हो सकती है। सीपीआई (एम) के जिला सचिव राधाकृष्‍णन ने कहा था कि अगर पीड़‍िता उन लोगों का नाम ले सकती है जो अभी तक दोषी साबित नहीं किए गए हैं, तो उसका भी नाम लिया जा सकता है।

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राधाकृष्‍णन के इस बयान पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया था, विपक्षी दलों ने राधाकृष्‍णन पर कार्रवाई करने की मांग की थी। केरल कांग्रेस अध्‍यक्ष वीएम सुधीरन ने कहा, ”राधाकृष्‍णन कानून से ऊपर नहीं है। पीड़‍िता का नाम जाहिर करने पर दो साल की जेल हो सकती है। उनके खिलाफ एक्‍शन लिया जाना चाहिए।” राज्‍य बीजेपी अध्‍यक्ष कुम्‍मानम राजशेखरन ने कहा कि सीपीआई (एम) नेता से ‘आपराधिक चूक’ हुई है।

पिछले सप्‍ताह 32 साल की पीड़‍िता ने चेहरा छिपाते हुए अपने पति और एक्टिविस्‍ट्स के साथ प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की थी। उसने दावा किया था कि जब वह पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने गई, तो उन्‍होंने यह पूछकर उसका अपमान किया कि चारों में से किसके साथ उसे ज्‍यादा ‘मजा’ आया। जिस राजनेता पर उसने आरोप लगाया है, वह एक पार्षद है। उस नेता का कहना है कि ‘महिला झूठ बोल रही है, उन दोनों (पति-पत्‍नी) ने मुझसे कर्ज लिया था, जब वापस मांगा तो ऐसा आरोप लगा दिया।’ सीएम पिनराई विजयन के हस्तक्षेप के बाद सीपीआई (एम) ने अपने पार्षद को निलंबित कर दिया है और जांच की जा रही है।

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First Published on November 7, 2016 4:43 pm

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