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केरल सरकार ने ‘दलित’ और ‘हरिजन’ शब्दों के इस्तेमाल पर लगाया बैन

पीआर विभाग ने सर्कुलर के जरिए सभी सरकारी पब्लिकेशन और सरकार की प्रचार-प्रसार सामग्री में 'दलित', 'हरिजन' शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की है।
दलित समुदाय के लोग। (प्रतिकात्मक फोटो)

केरल सरकार ने दलित और हरिजन शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। सरकार के पब्लिक रिलेशन विभाग ने दलित और हरिजन शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सर्कुलर जारी किया है। पीआर विभाग ने एसटी/एससी कमिशन की एक सिफारिश का हवाला देते हुए नोटिस जारी किया है। पीआर विभाग ने सर्कुलर के जरिए सभी सरकारी पब्लिकेशन और सरकार की प्रचार-प्रसार सामग्री में ‘दलित’, ‘हरिजन’ शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की है।

पीआर विभाग का यह सर्कुलर सरकार और अन्य विभागों के बीच इन शब्दों पर बैन लगाने को लेकर चल रही चर्चा के बीच आया है। सर्कुलर में दलित/हरिजन शब्दों की जगह एससी/एसटी शब्द इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। इंडिया टुडे के मुताबिक एससी/एसटी कमिशन के सूत्रों का कहना है कि दलित और हरिजन शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सिफारिश उन सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए की गई थी जो आज भी कई जगहों पर हो रहे हैं।

वहीं दलित आंदोलनकारियों को सरकार का यह फैसला पसंद नहीं आया। उनका कहना है कि सरकार का यह कदम वह स्वीकार नहीं कर सकते, क्योंकि दलित शब्द उन्हें एक सामाजिक-राजनीतिक पहचान देता है। एक दलित आंदोलनकारी ने कहा, ‘सरकार इस तरह के मुद्दों में क्यों घुसना चाहती है।’ हालांकि इस मामले में अंतिम आदेश लोगों से बात करने के बाद ही आएगा।

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  1. H
    HIRA KANT
    Oct 18, 2017 at 10:25 am
    सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि, सभी प्रकार के शिक्छक को रिटायरमेंट के बाद जिसे पेंशन मिलता है, सुबह-शाम एक-एक घंटे मुफ्त ट्यूशन देना है. एक बात और, रिटायरमेंट के बाद किसी भी विभाग के लोग अगर नौकरी करते है, तो उनका पेंशन बंद या कम कर देना चाहिए, इसमें फ़ोर्स / पुलिस को अलग रखना चाहिए., ना लाखो करोड़ रुपया बेकार हो रहा है, और दूसरी तरफ अभी भी लोग भूखे मर रहे है.
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    1. H
      HIRA KANT
      Oct 18, 2017 at 10:09 am
      यह अच्छा कदम उठाया है केरला सरकार ने. अन्य सरकारों को भी ध्यान देना चाहिए.
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