केरल विधानसभा ने नोट बदलने के मुद्दे पर प्रस्ताव पारित किया

नोटबंदी के बाद लोगों और कोआॅपरेटिव सेक्टर के सामने आ रही दिक्कतों पर चर्चा के लिए बुलाए गए केरल विधानसभा के विशेष सत्र ने आज एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से कोआॅपरेटिव को पुराने नोट बदलने और वाणिज्यिक बैकों की तरह जमा स्वीकार करने की अनुमति देने को कहा।

Author तिरूवनंतपुरम | November 22, 2016 17:44 pm

नोटबंदी के बाद लोगों और कोआॅपरेटिव सेक्टर के सामने आ रही दिक्कतों पर चर्चा के लिए बुलाए गए केरल विधानसभा के विशेष सत्र ने आज एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से कोआॅपरेटिव को पुराने नोट बदलने और वाणिज्यिक बैकों की तरह जमा स्वीकार करने की अनुमति देने को कहा। सत्तारूढ़ माकपा नीत एलडीएफ और कांग्रेस नीत यूडीएफ विपक्ष ने प्रस्ताव पारित करने के लिए हाथ मिलाया और 1000 रूपये तथा 500 रूपये के नोट को बंद करने के केंद्र के फैसले पर हमला किया। इसके बारे में पार्टियों ने कहा कि आम आदमी को भारी दिक्कतें हो रही है और कोआपरेटिव सेक्टर का कामकाज ठप हो गया है ।

भाजपा के एकमात्र सदस्य ओ राजगोपाल ने प्रस्ताव पर विरोध प्रकट किया और कहा कि नोट बंद करने का फैसला अर्थव्यवस्था की सफाई और भ्रष्टाचार, कालाधन को जड़ से मिटाने तथा देश में विकास को गति देने के लिए किया गया । कोआॅपरेटिव सेक्टर से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को समाधान तलाशने के लिए केंद्र के समक्ष तथ्य पेश करने के लिए कदम उठाना चाहिए । उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार और भाजपा कोआॅपरेटिव सेक्टर के खिलाफ नहीं है।’

नोटबंदी के फैसले के लिए एलडीएफ और यूडीएफ सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया और कहा कि इससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है और शहरी तथा ग्रामीण इलाके में आर्थिक गतिविधियां लगभग थम सी गयी है।

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First Published on November 22, 2016 5:42 pm

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