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अब टीपू सुल्तान के खिलाफ बीजेपी ने खोला मोर्चा, केंद्रीय मंत्री ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार, सांसद ने बताया ‘हिंदू विरोधी’ शासक

केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने न सिर्फ कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है बल्कि कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर इस आयोजन में उन्हें शामिल नहीं करने को कहा है।
कर्नाटक में टीपू सुल्‍तान की जयंती मनाने के फैसले को लेकर इस महीने शुरू हुआ विवाद थमने का नाम ले रहा है।

कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती मनाने पर फिर विवाद हो गया है। केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने न सिर्फ कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है बल्कि कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर इस आयोजन में उन्हें शामिल नहीं करने को कहा है। इसके साथ ही हेगड़े ने टीपू सुल्तान को बर्बर, निरंकुश और मास रेपिस्ट करार दिया है। हेगड़े ने कर्नाटक के अधिकारियों को लिखे पत्र की कॉपी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है, ‘मैंने कर्नाटक सरकार को एक ऐसे बर्बर हत्यारे, कट्टरपंथी और मास रेपिस्ट का महिमामंडन के लिए आयोजित होने वाली जयंती कार्यक्रम में मुझे नहीं बुलाने के बारे में बता दिया है।”

हेगड़े के इस ट्वीट के बाद कर्नाटक का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हेगड़े की आलोचना करते हुए कहा है कि केंद्रीय मंत्री होने के नाते उन्हें इस तरह की टिप्पणी और पत्र नहीं लिखना चाहिए था। उन्होंने बताया कि टीपू सुल्तान जयंती कार्यक्रम में राज्य के सभी मंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य गणमान्यों को पत्र भेजा जाता है, समारोह में शामिल होना या न होना उनकी मर्जी पर निर्भर करता है। सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ टीपू सुल्तान ने चार युद्ध लड़े थे।

बता दें कि सरकार ने 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती का आयोजन किया है। कर्नाटक सरकार साल 2015 से टीपू सुल्तान की जयंती मना रही है। उस साल भी इसका जमकर विरोध हुआ था। टीपू सुल्तान 18वीं सदी में मैसूर साम्राज्य का शासक था। उसके शासनकाल पर शिक्षाविदों, इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों के बीच मतभेद रहे हैं।

गौरतलब है कि 2015 में भी टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का हिन्दूवादी संगठनों ने विरोध किया था। तब कर्नाटक में फैली हिंसा में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक स्थानीय नेता की जान चली गई थी और कई लोग घायल हुए थे। साल 2016 में भी बीजेपी और संघ समर्थित संगठनों ने टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का राज्यव्यापी विरोध किया था। बीजेपी और संघ के लोगों ने इसे मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति करार दिया था।

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  1. S
    Seb
    Oct 21, 2017 at 6:00 pm
    इंडिया नीड नॉट सेलेबाते थे मुग़ल्स बर्थडे. आल थे हद बीन इंवदरस ऑफ़ इंडिया बिफोर Britishers.
    (0)(0)
    Reply
    1. yahya nomani
      Oct 21, 2017 at 2:03 pm
      No Mr hegde. U hate him becous he was a freedom fighter and ur Rss ancestors were traitors agents of british invaders.
      (3)(1)
      Reply
      1. N
        Nadeem Ansari
        Oct 21, 2017 at 1:38 pm
        Well known martyr who caught bravely against British..only problem is that he was Muslim..which is unacceptable by sanghi rats...these rats were spy of British when whole India were striving for independence..and now they behave like true patriots...sher ki ek din ki zindagi geedad ki hazar saal ki zindagi se behtar hai..and these sanghis are geedads..
        (4)(1)
        Reply