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पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस में सुराग देनेवाले को 10 लाख का ईनाम, कर्नाटक के गृह मंत्री का एलान

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी आज एसआईटी के साथ एक बैठक की और जांच प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में एसआईटी चीफ बी के सिंह, कर्नाटक के डीजीपी आर के दत्ता और इंटेलिजेंस की डीजी ए एम प्रसाद भी मौजूद थे।
गौरी लंकेश की हत्या के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। (Photo Source: AP)

वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश के हत्यारों का सुराग देनेवालों को कर्नाटक सरकार 10 लाख रुपये का ईनाम देगी। कर्नाटक के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने आज (08 सितंबर को) इसका एलान किया। मंत्री का यह बयान बेंगलुरु पुलिस की उस अपील के एक दिन बाद आया है जिसमें पुलिस ने लोगों से इस हत्याकांड से जुड़ी सूचनाएं देने की अपील की थी। पुलिस ने इसके लिए एक विशेष फोन नंबर और ई-मेल आईडी भी जारी किया है।

गृह मंत्री रेड्डी ने कहा, “मुख्यमंत्री (सिद्धारमैया) ने मामले की सघन और त्वरित जांच करने और जल्द से जल्द गुनहगारों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। हमने इस जांच के लिए एसआईटी बनाई है और उसे पर्याप्त संख्या में अधिकारी मुहैया कराए गए हैं। अगर एसआईटी को और अधिक अधिकारियों को जरूरत होगी तो हम उन्हें उपलब्ध कराएंगे।” इसके साथ ही रेड्डी ने कहा, “जो कोई भी गुनहगार का सुराग देगा, हमलोग उसे 10 लाख रुपये ईनाम देंगे।”

इधर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी आज (शुक्रवार को) एसआईटी के साथ एक बैठक की और जांच प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री, गृह मंत्री के अलावा एसआईटी चीफ बी के सिंह, कर्नाटक के डीजीपी आर के दत्ता और इंटेलिजेंस की डीजी ए एम प्रसाद भी मौजूद थे।

बता दें कि राज्य सरकार ने बुधवार (06 सितंबर) को ही मामले की जांच के लिए 21 सदस्यों वाले एसआईटी का गठन किया था। इंटेलिजेंस के आईजी बी के सिंह को इस टीम का प्रमुख बनाया गया है।  यह टीम वरिष्ठ पत्रकार की हत्या की छानबीन करेगी। गौरतलब है कि मंगलवार (5 सितंबर) की रात पत्रकार की हत्या उनके घर पर ही कर दी गई थी। इसके बाद देशभर के पत्रकार, बुद्धिजीवी और सामाजिक संगठनों के लोग इस हत्याकांड के विरोध में सड़कों पर उतर आए। राजनीतिक गलियारे में भी इस हत्याकांड की गूंज सुनाई दे रही है। गौरी लंकेश को आरएसएस के खिलाफ लिखने पर पहले भी धमकी मिल चुकी थी।

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