December 06, 2016

ताज़ा खबर

 

कर्नाटक के उडुप्पी मंदिर में हुई दलितों की रैली के बाद RSS ने चलाया “सफाई अभियान”

दलितों ने 9 अक्टूबर को उडुप्पी मंदिर में बराबरी के अधिकार को लेकर "उडुप्पी चलो रैली" का आयोजन किया था। रैली में बेंगलुरु से लेकर उडुप्पी तक के हजारों दलितों ने भाग लिया था।

कर्नाटक में स्थित उडुपी कृष्ण मंदिर।

कर्नाटक के उडुप्पी में स्थित कृष्ण मंदिर में रविवार को आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता और पेजावर मठ के स्वामी की ओर से शुद्धिकरण का काम किया गया। वहीं दलितों ने इस समारोह का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने कुछ दिन पहले यहां रैली की थी, जिस कारण आरएसएस की ओर से यह साफ सफाई की जा रही है। बता दें कि कुछ दलितों ने 9 अक्टूबर को उडुप्पी मंदिर में बराबरी के अधिकार को लेकर “उडुप्पी चलो रैली” का आयोजन किया था। रैली में बेंगलुरु से लेकर उडुप्पी तक के हजारों दलितों ने भाग लिया था। जिसके बाद आरएसएस लीडर और युवा ब्रिगेड के हेड चक्रवर्ती सुलीबेले ने मंदिर और शहर की सड़कों के शुद्धिकरण समारोह का आयोजन किया है।

9 अक्टूबर को हुई दलित रैली के तुरंत बाद युवा ब्रिगेड ने पूरे उडुप्पी शहर की सड़कों को साफ करने का काम किया था। जिसके जवाब में दलित ग्रुप ने प्रशासन से 23 अक्टूबर को एक और रैली का आयोजन करने और इस युवा ब्रिगेड को बैन करने की मांग की थी। हालांकि शहर के एसपी केटी बालकृष्णा ने दोनों मांगो को खारिज कर दिया था। मजबूर होकर दलित ग्रुप को अपनी रैली टालनी पड़ी, वहीं युवा ब्रिगेड ने 23 अक्टूबर को मंदिर की सफाई कार्यक्रम का आयोजन किया। करीब 500 युवा कार्यकर्ताओं ने मंदिर के शौचालय, पार्किंग, किचन और दूसरी जगहों को साफ किया।

बिहार: सेनारी नरसंहार में 17 साल बाद आया फैसला; 15 आरोपी दोषी करार, 23 बरी

जानकारी के मुताबिक 9 अक्टूबर को उडुप्पी चलो रैली में गुजरात के दलित नेता जिगनेश मवानी ने भी हिस्सा लिया था। । मेवानी ने यहां समापन बैठक में उडुप्पी मंदिर में पंक्ति ‘भेडा प्रथा’ (जाति आधारित भोजन के लिए बैठने की व्यवस्था) और गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। मेवानी ने कहा था, इसके लिए हम जेल जाने को तैयार हैं। वहीं, रैली में गुजरात से आए वकीलों ने आरोप लगाया था कि सरकार के द्वारा भूमि आवंटन में जाति आधारित भेदभाव किया जा रहा है।

Read Also: भाजपा नेता ने कहा- आरएसएस कार्यकर्ताओं को रखने दीजिए हथियार, वे खुद कर लेंगे अपनी रक्षा

आरएसएस नेता सुलीबेले ने कहा, “यह दलित-विरोधी शुद्धिकरण कार्यक्रम नहीं था। हमारे साथ कई दलितों ने भी इस सफाई अभियान में हिस्सा लिया था और हमने साथ मिलकर भोजन भी किया। यह कार्यक्रम इसलिए किया गया क्योंकि उडुप्पी चलो रैली के दौरान उडुप्पी मठ और मंदिर को लेकर गलत संदेश दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि मंदिर में भेदभाव होता है। अगर उन्हें लगता है कि यह सफाई उनकी रैली के विरोध में थी तो वह सोचते रहें।” दलित ग्रुप ने आरएसएस के इस सफाई अभियान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 28, 2016 9:12 am

सबरंग