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कर्नाटक राज्यसभा चुनाव की CBI जांच कराने को लेकर चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को भेजा पत्र

निर्वाचन आयोग ने कदमों के तहत निर्देश दिया है कि भविष्य में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में एक विशेष स्केच पेन का इस्तेमाल किया जाएगा।
Author नई दिल्ली | September 5, 2016 02:50 am
भारतीय चुनाव आयोग

निर्वाचन आयोग ने हाल में हुए कर्नाटक राज्यसभा चुनाव में पैसों के इस्तेमाल के आरोपों की सीबीआइ जांच कराने की याद दिलाने के लिए सरकार को एक स्मरण पत्र भेजा है।
आयोग ने उच्च सदन और विधान परिषदों के चुनाव में कथित गड़बड़ी को रोकने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। आयोग ने एक स्टिंग आॅपरेशन के बाद हालांकि नौ जून को कर्नाटक में चार सीटों पर राज्यसभा चुनाव को रद्द करने से इनकार कर दिया था। आयोग ने कार्मिक मंत्रालय से कहा था कि वह सीबीआइ से आरोपों की गहन और व्यापक जांच कराए। स्टिंग आॅपरेशन में विधायकों (मतदाताओं) को प्रभावित करने के लिए धनशक्ति के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयोग ने अब सरकार को सीबीआइ जांच की अपनी सिफारिश के बारे में याद दिलाया है क्योंकि पहले आग्रह के बाद से तीन महीने गुजर चुके हैं।

कर्नाटक और झारखंड में राज्यसभा चुनाव में धनशक्ति के इस्तेमाल के आरोपों और हरियाणा में ‘स्याही विवाद’ का सामना करने के बाद निर्वाचन आयोग ने विधान परिषदों और राज्यसभा के चुनावों में गड़बड़ी रोकने के लिए सिलसिलेवार कई कदम उठाए हैं। पिछले हफ्ते सभी निर्वाचन अधिकारियों को दिए एक विस्तृत आदेश में आयोग ने कहा कि चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के दिन से 24 घंटे सातों दिन काम करने वाला एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाना चाहिए।  जो किसी मतदाता का वोट हासिल करने के लिए नकदी की पेशकश कर उसे प्रभावित करने, किसी तरह की धमकी देने, मतदाताओं से जोर-जबर्दस्ती करने, राज्य मशीनरी का दुरुपयोग करने और चुनाव के प्रति अधिकारियों के अनुचित रुख जैसी सभी शिकायतों से निपटेगा। आयोग ने कहा कि राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के लिए यद्यपि कानूनी रूप से उचित खर्च पर कोई रोक नहीं है, लेकिन धनशक्ति का आडंबरी प्रदर्शन और निर्वाचकों को रिश्वत दिए जाने पर रोक लगानी होगी।  निर्वाचन आयोग ने कदमों के तहत निर्देश दिया है कि भविष्य में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में एक विशेष स्केच पेन का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में स्याही विवाद के बाद उठाया गया है। जहां एक गलत पेन से चिह्नित किए गए 12 वोट अवैध घोषित कर दिए गए थे।

इसका परिणाम कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आरके आनंद की हार के रूप में निकला था। वकील आनंद मीडिया हस्ती सुभाष चंद्रा से हार गए थे। आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में चुनाव में एक खास कंपनी में बना विशिष्ट डिजाइन का एकीकृत बैगनी पेन इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने कहा कि इस तरह का पेन मतदाता द्वारा दिए जाने वाले वोट को मतपत्र पर रिकॉर्ड करने का उपकरण होगा। यह मतदान के समय ही एक मनोनीत चुनाव अधिकारी द्वारा प्रत्येक मतदाता को दिया जाएगा व मतदाता के मतदान केंद्र से बाहर आने के बाद यह पेन उससे वापस ले लिया जाएगा। इससे किसी भी तरह की भूल को किसी भी परिस्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

 

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