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आरटीई कोटे से लिया दाखिला, नंबर कम आने पर स्कूल प्रशासन ने दी 5 वर्षीय छात्र को निकालने की धमकी

छात्र की मां ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने उनसे कहा कि अगर उनके बेटे के नंबर कम आए तो स्कूल कुछ भी निर्णय ले सकता हैै।
Author बेंगलुरू | April 14, 2017 12:45 pm
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

कर्नाटक के एक स्कूल पर शिक्षा के अधिकार एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। शिक्षा का अधिकार कोटे से दाखिला लेने वाले पांच साल के छात्र को निकालने की धमकी देने का आरोप स्कूल प्रशासन पर लगा है। स्कूल ने छात्र को यह कहकर स्कूल से निकालने की धमकी दी कि उसका कक्षा में प्रदर्शन बेकार रहा। सीएनएन न्यूज 18 के अनुसार छात्र के परिजनों ने बताया कि उसकी पिछले साल एक सर्जरी हुई थी जिसके कारण वह ठीक तरह से पढ़ाई नहीं कर पाया। उसका पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया था। छात्र को सी+ मिला जो कि बच्चों के लिए किंडर-गार्टन में पास होने के लिए काफी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारे बेटे के इन अंकों से विद्या वर्धाका स्कूल खुश नहीं हुआ, जिसके कारण उन्होंने उसे स्कूल से निकालने की धमकी दी।

परिजनों ने कहा कि स्कूल प्रशासन 15 अप्रैल को दोबारा परीक्षा ले रहा है। स्कूल प्रशासन ने कहा है कि अगर दोबारा से इतने कम नंबर प्राप्त किए तो उनके बेटे को स्कूल से निकला देंगे। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके साथ स्कूल प्रशासन द्वारा ऐसा व्यवहार इसलिए किया गया क्योंकि शिक्षा का अधिकार कोटे से दाखिला लेने वालों का मतलब उनके लिए आर्थिक रूप से कमजोर होना है। छात्र की मां ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने उनसे कहा कि अगर उनके बेटे के नंबर कम आए तो स्कूल कुछ भी निर्णय ले सकता हैै।

इस मामले की शिकायत राज्य शिक्षा विभाग में दर्ज कराई गई है। परिजनों ने विभाग से मदद की गुहार लगाई है। इस मामले पर बात करते हुए कर्नाटक बाल अधिकार आयोग के चीफ ने कहा कि स्कूल प्रशासन जो किया वह बिलकुल गलत है। स्कूल के खिलाफ हम सख्त कदम उठाएंगे।  उन्होंने कहा कि आरटीई के अंतर्गत, किसी भी स्कूल को यह अधिकार नहीं है कि वह छात्र को स्कूल से निकाल सके। वहीं इस मामले पर स्कूल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।

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