December 10, 2016

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JNU ने जांच के लिए 12 छात्रों को तलब किया

जेएनयू प्रशासन ने एक छात्र के लापता होने से संबंधित मामले में 12 छात्रों को प्रॉक्टर स्तरीय जांच समिति के समक्ष उपस्थित होने को कहा।

Author नई दिल्ली | October 20, 2016 03:38 am

जेएनयू प्रशासन ने एक छात्र के लापता होने से संबंधित मामले में 12 छात्रों को प्रॉक्टर स्तरीय जांच समिति के समक्ष उपस्थित होने को कहा। इन छात्रों को इस बात को लेकर प्रदर्शन के बीच तलब किया गया कि इस मुद्दे पर कुलपति ने ‘असंवेदनशील’ तरीके से कार्रवाई की। स्कूल आॅफ बायोटेक्नोलॉजी का छात्र नजीब अहमद शनिवार से कथित तौर पर लापता है। उसके लापता होने से एक रात पहले कैंपस में उसका झगड़ा हुआ था। छात्र के अभिभावकों से मिली शिकायत के बाद वसंत कुंज उत्तर थाना में मंगलवार को एक व्यक्ति के अपहरण और गलत तरीके से कैद कर रखने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई।
एक वक्तव्य में कहा गया, ‘जेएनयू प्रशासन ने प्रॉक्टरस्तरीय जांच समिति के समक्ष गवाही के लिए 12 छात्रों को तलब किया था, जिनके नाम माही-मांडवी हॉस्टल में 14 अक्तूबर को हुई हिंसा की घटना से जुड़े हैं। समिति ने यह भी कहा है कि जो भी गवाही देना चाहता है वे आगे आएं और जांच में मदद करें। प्रशासनिक ब्लॉक को अवरुद्ध करने के लिए छात्रों की निंदा करते हुए जेएनयू के शिक्षकों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि वो अहमद का पता लगाने के लिए पुलिस पर अधिक दबाव डालें और अहमद से अपील की कि वह प्रताड़ित किए जाने के डर के बिना वापस लौटे’।


विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने 15 अक्तूबर की दोपहर को अहमद के गुम होने के बाद पहली बार मीडिया को बताया कि लड़के का पता लगाने के लिए सारे कदम उठाए गए हैं और वे परिवार के संपर्क में भी हैं। कुमार ने कहा, ‘लेकिन हम उसकी सुरक्षा के बारे में भी वाकई चिंतित हैं और पुलिस के साथ नियमित संपर्क में हैं और जो भी जरूरत है वो सूचना प्रदान कर रहे हैं। हमने नजीब अहमद से भी अपील की है कि अगर वह इसे पढ़ रहा है तो विश्वविद्यालय लौट आए। हम उसे सभी तरह की मदद का आश्वासन देते हैं’।

परिसर से अहमद के लापता होने के प्रकरण में अब तक कोई सुराग नहीं मिलने के तथ्य को स्वीकार करते हुए कुमार ने कहा, ‘अब तक कोई भी नहीं जानता है कि उसे क्या हुआ है’। जेएनयू के रेक्टर चिंतामणि महापात्र ने कहा, ‘परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी और जब हमने पुलिस से संपर्क किया तो हमसे कहा गया कि परिवार ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। परिसर में तनाव व्याप्त है। दोपहर में प्रदर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक ब्लॉक पर एकत्र हुए। नारेबाजी करने और प्रदर्शन करने के बाद छात्रों ने भवन के द्वार को अवरुद्ध कर दिया’। सुरक्षा बलों की तरफ से हस्तक्षेप के बाद द्वार खोले गए, लेकिन शाम में ज्यादातर कर्मचारियों के जाने के बाद छात्रों ने एकबार फिर नाकेबंदी कर दी।

जेएनयूएसयू के अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा, ‘नजीब अहमद के मामले से असंवेदनशील तरीके से निपटने की वजह से नाकेबंदी की गई है। एबीवीपी द्वारा नजीब अहमद के खिलाफ हिंसा जिसकी वजह से वह पांच दिन पहले परिसर से लापता हुआ और जेएनयू प्रशासन के प्राथमिकी दर्ज कराने से इंकार कर अपराधियों को बचाने का प्रयास करने की वजह से नाकेबंदी की गई है’। विश्वविद्यालय में तनाव व्याप्त है। वाम समर्थित जेएनयूएसयू और एबीवीपी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि जेएनयूएसयू अध्यक्ष मोहित पांडेय और अहमद के साथ रहने वाले छात्र के बयान में असंगति है।

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First Published on October 20, 2016 3:37 am

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