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अलगाववादी गिलानी की अपील को कश्मीरी युवाओं ने ठुकराया, पुलिस भर्ती में उमड़ी भीड़

भर्ती में शामिल होने के लिए 5000 युवाओं ने आवेदन किया है और फिटनेस टेस्ट देने के लिए आ रहे हैं। घाटी के पुलवामा में हुए रिक्रूटमेंट टेस्ट में कई युवा पहुंचे।
Author श्रीनगर | September 21, 2016 14:25 pm
कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी। (Photo:PTI)

जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने अलगाववादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने घाटी के युवाओं से पुलिस में शामिल नहीं होने को कहा था। घाटी में जारी स्पेशल पुलिस ऑफिसर की भर्ती में सैकड़ों युवा पहुंच रहे हैं। भर्ती में शामिल होने के लिए 5000 युवाओं ने आवेदन किया है और फिटनेस टेस्ट देने के लिए आ रहे हैं। घाटी के पुलवामा में हुए रिक्रूटमेंट टेस्ट में कई युवा पहुंचे।

डीएसपी इफ्तिखार चौधरी ने बताया कि घाटी के त्राल, अवंतीपुरा, लेथीपुरा इलाकों से कई युवा स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) पोस्ट के लिए चल रहे फिटनेस टेस्ट में शामिल होने के लिए आए हैं। एसपीओ को 6000 हजार रुपए सैलरी मिलती है, जो कि इस साल जनवरी से पहले 3000 रुपए थी। शुरुआत में एसपीओ का पद ज्यादातर आत्म समर्पण करने वाले आतंकियों को दिया जाता था जो कि पुलिस की एसओजी (SOG) टीम के साथ काम करते थे। लेकिन बाद में एसओजी को भंग कर दिया गया और करीब 24 हजार एसपीओ को जम्मू-कश्मीर पुलिस में मर्ज कर लिया गया था। एसपीओ को पूर्व आतंकी के तौर पर आतंकवाद के बारे में जानकारी होती है, जो कि सेना, पुलिस और पैरा मिलेट्री फोर्सेस के लिए उपयोगी साबित होती है।

टीओआई के मुताबिक अगस्त में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने सरकार के एसपीओ भर्ती करने के फैसले का कड़ा विरोध किया था और घाटी के युवाओं से पुलिस में शामिल न होने की अपील की थी। गिलानी ने कहा था कि राज्य सरकार का उद्देश्य एसपीओ भर्ती के जरिए ‘इखवान संस्कृति’ को पुनर्जीवित करना और नौकरी लेने के खिलाफ युवाओं को चेतावनी दी थी।

गौरतलब है कि हिजबुल मुजाहिदीन के कंमाडर बुरहानी वानी के 8 जुलाई को सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराए जाने के बाद से पूरे कश्मीर में हिंसक झड़प और तनाव का माहौल व्याप्त है। इस हिंसा और झड़प में अब तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद अभी भी घाटी में तनाव और हिंसा जारी है।

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