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कांग्रेसी नेता और धनबाद के डिप्टी-मेयर की हत्या मामले में भाजपा विधायक गिरफ्तार, पुलिस कर चुकी है शूटरों की पहचान

पुलिस के अनुसार कांग्रेसी नेता की हत्या के पीछे कई वजहों हो सकती हैं। एक प्रमुख वजह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हो सकती है।
झारखंड के झरिया से भाजपा विधायक को गिरफ्तार करके ले जाती पुलिस। (पीटीआई फोटो)

झारखंड के झरिया से भाजपा विधायक संजीव सिंह को पुलिस ने अपने चचेरे भाई और कांग्रेस नेता तथा धनबाद के डिप्टी-मेयर नीरज सिंह और उनके तीन साथियों की हत्या के आरोप में मंगलवार (11 अप्रैल) को गिरफ्तार किया। नीरज सिंह और उनके तीन साथियों की 21 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। भाजपा विधायक के करीबी माने जाने वाले डबलू मिश्रा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इससे पहले संजीव सिंह के तीन सहयोगियों जैनेंद्र सिंह, धनंजय सिंह और संजय सिंह को गिरफ्तार किया था।

संजीव सिंह और नीरज सिंह साल 2014 के झारखंड विधान सभा चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ मैदान में थे। नीरज सिंह संजीव से चुनाव हार गए थे। पुलिस के अनुसार संजीव पर आपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस डीआईजी (बोकारो) साकेत कुमार सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सोमवार को पुलिस ने चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेड से संजीव की गिरफ्तारी का वारंट लिया था। साकेत कुमार सिंह, “जब विधायक को गिरफ्तारी वारंट के बारे में पता चला तो उन्होंने मंगलवार (11 अप्रैल) को सरायकेला पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।”

भाजपा विधायक की गिरफ्तारी पर पार्टी के प्रवक्ता दीन दयाल बरनवाल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “कानून अपना काम कर रहा है। विधायक कानून से भागेंगे नहीं। जब उन्हें पता चला कि अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है तो उन्होंने खुद ही आत्मसमर्पण कर दिया।” संजीव सिंह ने मीडिया से कहा है कि वो बेगुनाह हैं और उनका इस हत्या से कोई लेना-देना नहीं है।

डीआईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया, “डबलू मिश्रा ने हत्या के षडयंत्र और उसके बाद के घटनाक्रम का खुलासा किया। शूटर संजीव सिंह के घर “सिंह मैंशन” में इकट्ठा हुआ थे और वहां रुके थे। उन्होने हत्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की थी। हम उनका पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की कोशिश करेंगे। शूटरों की शिनाख्त कर ली गयी है लेकिन अभी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।” हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियार भी अभी तक बरामद नहीं हुए हैं।

पुलिस के अनुसार कांग्रेसी नेता की हत्या के पीछे कई वजहों हो सकती हैं। एक प्रमुख वजह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता हो सकती है। डीआईजी साकेत कुमार सिंह के अनुसार, “नीरज सिंह इलाके में ज्यादा लोकप्रिय थे। दोनों के बीच संपत्ति से जुड़ा विवाद भी था। कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों पर कब्जे की भी लड़ाई थी।” पुलिस ने 29 जनवरी को हुए रंजन सिंह हत्याकांड से इस हत्या के तार जुड़े होने से भी इनकार नहीं किया।

नीरज सिंह हत्या में गिरफ्तार धनंजय सिंह और संजय सिंह रंजय के भाई हैं। दोनों को हत्या की साजिश रचने और योजना बनाने के आरोप ें गिरफ्तार किया गया है। धनंजय ने कथित तौर पर शूटरों की भागने में मदद की। हत्या में आरोपी एक शूटर पंकज सिंह उत्तर प्रदेश का है। 21 मार्च को नीरज सिंह, उनके साथी अशोक यादव, ड्राइवर घोलटू महतो और प्राइवेट गॉर्ड मुन्ना तिवारी की सिंह मैंशन से कुछ ही दूरी पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।

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