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5 घंटे तक नहीं मिली कोई मदद तो महिला ने हाईवे पर दिया बच्चे को जन्म, 100 मीटर दूर ही था सरकारी अस्पताल

रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब हाईवे से 100 दूरी पर ही सरकारी अस्पताल था। हिला ने बच्चे को रास्ते में ही जन्म दे दिया, उसके बाद भी महिला और बच्चे को देखने वाला कोई नहीं था।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

झारखंड में एक महिला ने हाईवे पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला को पांच घंटे तक कोई मेडिकल मदद नहीं मिली, जिसके बाद उसने हाईवे पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के लातेहार जिले की रहने वाली सोनमानी अपने तीन बच्चों के साथ जिला मुख्यालय आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन करवाने गई थी। महिला जिला मुख्यालय 18 किलोमीटर पैदल चल कर गई थीं। शुक्रवार तड़के महिला को महिला को दर्द होना शुरू हुआ। महिला को पांच घंटे तक दर्द होता रहा, लेकिन कोई भी मदद करने नहीं पहुंचा। महिला ने बच्चे को रास्ते में ही जन्म दे दिया, उसके बाद भी महिला और बच्चे को देखने वाला कोई नहीं था। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब हाईवे से 100 दूरी पर ही सरकारी अस्पताल था। इसके बाद किसी ने लातेहर पुलिस को इसकी सूचना दी तो पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया।

बता दें, ऐसी ही इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना ओड़िशा में देखने को मिली थी। तब कालाहांडी में एक सरकारी अस्पताल की ओर से कोई वाहन मुहैया न कराए जाने के कारण एक व्यक्ति को 12 किलोमीटर तक अपनी पत्नी का शव कंधे पर ढोने को मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर काफी विवाद हुआ था। हालांकि, मीडिया में मामला आने के बाद सराकर ने इस मामले में जांच कराने का आदेश दिया था।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक दाना माझी को उसकी पत्नी का शव ले जाने के लिए अस्पताल ने वाहन देने से मना कर दिया था। माझी के साथ उसकी 12 साल की बेटी भी थी। माझी की 42 साल की पत्नी की मौत भवानीपटना के सदर अस्पताल में टीबी के कारण हो गई थी। इसके बाद एक पत्रकार ने मांझी को अपनी पत्नी का शव कंधे पर ले जाते हुए देखा। जिसके बाद पत्रकार ने एक समाजसेवी संस्था के साथ मिलकर मांझी को वाहन मुहैया करवाया। यह घटना राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में शामिल हो गई थी। इसके बाद ओड़िशा सरकार की काफी ओलाचना हुई थी।

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