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कश्मीर में मारे गए युवक को लेकर महिला आईएएस और पुलिस अफसर फेसबुक पर भिड़े

घाटी की महिला आईएएस ने राज्य की सीएम महबूबा मुफ्ती पर किया तंज।
Author श्रीनगर | August 4, 2016 20:25 pm
कश्मीर में होने वाली हिंसा में स्थानीय युवकों की बढ़ती जा रही है. (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में हाल ही मारे गए 21 वर्षीय नौजवान रियाज़ अहमद शाह को लेकर घाटी के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एक महिला आईएएस अफसर के बीच सोशल मीडिया पर तीखी नोंकझोंक हो गई। पैलेट गन से घायल रियाज़ अहमद शाह की मंगलवार रात को मौत हो गई थी। घटना के वक्त एटीएम गॉर्ड के तौर पर काम करने वाले शाह पुराने शहर स्थित एटीएम से अपने घर लौट रहे थे। पुलिस ने उनपर पैलेट गन चलाने वाले सुरक्षा बलों पर पहले ही हत्या का मुकदमा दर्ज कर चुकी है।

घटना के बाद वित्त मंत्रालय में तैनात आईएएस अधिकारी रुवेदा सलाम ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर ‘पाखंडी’ होने का आरोप लगाया। सलाम ने लिखा, “वोटरों को लुभाने के लिए हरे रंग पहनने वालों ने घाटी को लाल रंग में रंग दिया और अब वो उसी मजहब पर सवाल उठा रहे हैं जिसका नकाब पहनकर वो अपने बुरे कर्मों को छिपाते हैं। पाखंड का इससे बुरा उदाहरण नहीं हो सकता!”

आईएएस से पहले सलाम आईपीएस थीं। उनके फेसबुक कमेंट पर सोपोर के एसपी हरमीत सिंह मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें अपनी मौजूदा प्रशासनिक सेवा छोड़कर अलगाववादियों से मिल जाना चाहिए। मेहता ने सलाम को “अज्ञानी महिला” भी कहा। मेहता ने लिखा, “सरकार को आपके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि आप लोक सेवक होकर भी सरकार के खिलाफ जहर उगल रही हैं। बेहतर आप इस्तीफा देकर अलगाववादी गुट में शामिल हो जाएं।”

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जवाब में सलाम ने कहा कि मेहता ये न बताएं कि उन्हें क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए। सलाम ने कहा, “मैं अपना हर शब्द तौल के बोल रही हूं और मैंने जो लिखा है वो सच है। मैं उन लोगों के रवैए से आहत हूं जो मासूमों को बचाने की कसमें खाते हैं लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने से भागते हैं।” सलाम ने लिखा कि वो जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा “अज्ञानी महिला” कहे जाने से आहत नहीं हालांकि उनकी कमेंट से बदमिजाजी और लैंगिक पूर्वाग्रह झलकता है। सलाम 2013 में जम्मू-कश्मीर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनी थीं। 2015 में वो आईएएस में चुन ली गईं।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में मेहता ने माना कि उन्होंने ही अपनी फेसबुक से सलाम के पोस्ट पर कमेंट किया था। मेहता ने एक्सप्रेस से कहा, “उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार का हिस्सा होकर वो उसे गलत कैसे ठहरा सकती हैं।” वहीं सलाम ने भी माना कि संबंधित फेसबुक एकाउंट उन्हीं की है। सलाम ने एक्सप्रेस से कहा, “मैंने जो लिखा है वो मेरी निजी राय है।”

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