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कश्मीर में अलगाववादियों के फिर से बुलाया बंद, घाटी में जनजीवन पर असर

अलगाववादियों की दो दिनों की छूट के बाद आज (सोमवार, 21 नवंबर) फिर कई दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान एक फिर बंद दिखे।
Author श्रीनगर | November 21, 2016 15:43 pm
कश्मीर के बारीपोरा सैन्य प्रतिष्ठान के समीप एक महिला लोहे के गोलाकार अवरोधक को बीच से पार करती हुई। यह इलाका भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर को अलग करने वाली सीमा रेखा के नज़दीक है। (AP Photo/Mukhtar Khan/21 Sep, 2016)

अलगाववादियों के इस सप्ताहांत में अपना बंद समाप्त करने के बाद फिर से बंद आहूत करने के कारण कश्मीर में सोमवार (21 नवंबर) को जनजीवन प्रभावित हुआ। सुरक्षा बलों के साथ आठ जुलाई को हुई एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के चरमपंथी बुरहान वानी के मारे जाने पर 133 दिनों तक जारी अशांति के बाद पिछले दो दिनों के दरम्यान घाटी में हलचल देखने को मिली थी। हालांकि बंद के आह्वान के कारण सोमवार को पूरे कश्मीर में सड़कों पर पिछले दो दिनों के मुकाबले कम वाहन देखने को मिले। अधिकारियों ने बताया कि यहां शहर के बाहरी इलाके के अलावा सिविल लाइन्स के कुछ इलाकों में भी सार्वजनिक वाहनों चलते दिखाई दिए।

अलगाववादियों की दो दिनों की छूट के बाद आज (सोमवार, 21 नवंबर) फिर कई दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान एक फिर बंद दिखे। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में कुछ दुकानें भी खुली दिखीं। अधिकारियों ने बताया कि घाटी के अधिकांश अन्य जिला मुख्यालयों से भी सड़कों पर कम यातायात की खबरें मिली हैं। घाटी के अन्य जिलों को ग्रीष्मकालीन राजधानी से जोड़ने वाली सड़कों पर कुछ अंतर जिला कैबों का परिचालन भी देखेने को मिला। शहर के मध्य में स्थित लाल चौक से होकर गुजरने वाली टीआरसी चौक-बटमालू मार्ग पर कुछ विक्रेताओं ने भी अपने स्टॉल लगा रखे थे। अलगाववादी हर सप्ताह अलग अलग प्रदर्शन कार्यक्रम कर रहे हैं।

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  1. Anju Ajay
    Nov 21, 2016 at 11:50 am
    लगता है पैसा दुबारा पहुचने लगा है
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    Reply
    1. S
      shivshankar
      Nov 21, 2016 at 7:36 pm
      अब शायद उनके पास नया २००० का नोट पहुँच गया है . पर्रिकर जी कुछ तो करिये एक नयी सर्जिकल स्ट्राइक की ज़रूरत है जो केवल आरएसएस का कार्यकर्ता ही कर सकता है
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      Reply
      सबरंग