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RTI का खुलासा: हर दिन एक बार पाक सेना तोड़ती है संघर्ष विराम, हर दूसरे दिन आतंकी वारदात

ह भी पूछा गया था कि जम्मू कश्मीर में पिछले पांच वर्षो में कितनी आतंकी घटनाएं घटीं और इन घटनाओं में कितने सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, कितने नागरिकों ने जान गंवाई और कितने आतंकी मारे गए ।
Author नई दिल्ली | May 8, 2017 02:00 am
भारतीय सेना का एक जवान। ( Photo Source: Indian Express)

जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले दो वर्षो में पाकिस्तान की ओर से औसतन हर दिन कम से कम एक बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। साथ ही राज्य में पिछले पांच वर्षो में हर दूसरे दिन एक आतंकी घटना सामने आई है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, साल 2015 में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन की 405 घटनाएं सामने आर्इं जबकि 2016 में 449 घटनाएं घटीं। गृह मंत्रालय के अनुसार, साल 2015 में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन की 405 घटनाओं में 10 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए जबकि 2016 में नियंत्रण रेखा के साथ ही स्थानों पर हुई ऐसी 449 घटनाओं में 13 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। सूचना के अधिकार के तहत ‘पीटीआई भाषा’ ने गृह मंत्रालय से पिछले कुछ वर्षो में संघर्षो में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी मांगी थी। यह भी पूछा गया था कि जम्मू कश्मीर में पिछले पांच वर्षो में कितनी आतंकी घटनाएं घटीं और इन घटनाओं में कितने सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, कितने नागरिकों ने जान गंवाई और कितने आतंकी मारे गए ।

-साल 2015 में 208 आतंकी घटनाएं हुर्इं जिनमें 39 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 108 आतंकवादी मारे गए । उस साल आतंकी घटनाओं में 17 नागरिक भी मारे गए।
-साल 2016 में राज्य में आतंकी हिंसा की 322 घटनाएं घटीं जिसमें 82 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 150 आतंकवादी मारे गए । इस वर्ष ऐसी घटनाओं में 15 नागरिकों की जान चली गई।

’ साल 2012 में जम्मू कश्मीर में आतंकी हिंसा की 220 घटनाएं सामने आई जिसमें 15 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 15 नागरिकों ने जान गंवाई , जबकि सुरक्षाकर्मियों ने 72 आतंकवादियों को मार गिराया ।
’साल 2013 में 170 घटनाओं में 53 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 15 नागरिक मारे गए और 67 आतंकी मारे गए ’2014 में 222 घटनाएं हुईं। 47 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 28 नागरिकों की जान गई जबकि और 110 आतंकी मारे गए ।

संघर्ष विराम के उल्लंघन की घटनाएं बढ़ती जा रही हंै। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पाकिस्तानी सेना देश में अपना दखल बरकरार रखना चाहती है और राजनीतिक नेतृत्व को काबू में रखना चाहती है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर को मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है।

लेफ्टिनेंट जनरल राज कादयान
सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ

सूचना के अधिकार से पता चला कि दो साल में पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में संघर्ष विराम को कई बार तोड़ा और पांच साल में हर दूसरे दिन हुई आतंकी वारदात
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