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कश्मीर हिंसा: नौवें दिन भी कर्फ्यू जारी, अलगाववादियों ने बुलाई हड़ताल

त्तरी कश्मीर के तीन जिलों में सभी टेलीफोन सेवाओं को बंद रखा गया था जबकि किसी भी अफवाह को फैलने से रोकने के लिए घाटी में मोबाइल टेलीफोन सेवा निलंबित है।
Author श्रीनगर | July 17, 2016 16:06 pm
घाटी में हिंसा

हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुये संघर्षों में 39 लोगों के मारे जा चुके हैं और 3100 लोग घायल हुए हैं और रविवार को नौवें दिन  कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त है और कर्फ्यू जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कश्मीर घाटी के सभी दस जिलों में आज भी कर्फ्यू जारी है।’’ उन्होंने बताया कि कुपवाड़ा जिले में कल ताजा हिंसा में एक व्यक्ति के मारे जाने के बाद कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्फ्यू जारी रखने का निर्णय लिया गया।

अधिकारी ने बताया कि निषेधाज्ञा को कड़ाई से लागू करने के लिए पूरी घाटी में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि घाटी में अभी तक हालात शांतिपूर्ण हैं।  अधिकारी ने बताया, ‘‘हम स्थिति पर नजर बनाए हुये हैं और उम्मीद करते हैं कि दिन शांतिपूर्वक बीत जाएगा।’’ कल उत्तरी कश्मीर के तीन जिलों में सभी टेलीफोन सेवाओं को बंद रखा गया था जबकि किसी भी अफवाह को फैलने से रोकने के लिए घाटी में मोबाइल टेलीफोन सेवा निलंबित है।

घाटी के शेष सात जिलों में केवल बीएसएनएल के मोबाइल ही काम कर रहे हैं।  एहतियाती उपाय के तौर पर घाटी में आज लगातार सातवें दिन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद है जबकि ट्रेन सेवा भी बंद है। अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में बुरहान वानी और उसके दो साथियों की सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद नौ जुलाई से कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।

सुरक्षा बलों के साथ संघर्षों में एक पुलिसकर्मी सहित 39 लोगों की मौत हो गयी जबकि सुरक्षा बल के 1500 कर्मी सहित 3160 लोग घायल हो गये। हड़ताल के अलगाववादियों के आह्वान और कर्फ्यू जैसे प्रतिबंधों के कारण कश्मीर में शनिवार से जनजीवन प्रभावित हुआ है।  हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों और  जकेएलएफ ने हड़ताल का आह्वान किया है। अलगाववादी समूहों ने हड़ताल की अवधि बढ़ा कर सोमवार शाम तक कर दी।

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