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जुमे की नमाज़ से पहले कश्मीर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू

कश्मीर में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में अब तक 84 लोगों की मौत हो चुकी है।
Author श्रीनगर | October 14, 2016 14:42 pm
कश्मीर के बारिपुरा मिलिट्री बेस की तस्वीर। यहां भारत-पाक की सीमा है। Sept. 21, 2016. (AP Photo)

श्रीनगर के कुछ भीतरी इलाकों और कुछ अन्य इलाकों में एहतियाती तौर पर शुक्रवार (14 अक्टूबर) को कर्फ्यू जारी है। पिछले हफ्ते जुमे की नमाज के बाद हिंसा की कुछ घटनाएं हुई थी जिसके मद्देनजर ऐसा किया गया है। कश्मीर घाटी में लगातार 98वें दिन अशांति बनी हुई है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। ये हालात जुलाई में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को मार गिराए जाने के बाद से बने हुए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘शहर के भीतरी इलाकों के पांच थाना क्षेत्रों, बटमालू पुलिस थाना और बारामूला जिले के सोपोर शहर में कर्फ्यू जारी है।’ उन्होंने कहा कि पिछले जुमे को नमाज के बाद यहां हिंसा की घटना हुई थी जिसमें पैलेट गन की चपेट में आकर जख्मी हुए एक नाबालिग की मौत हो गई थी। इसलिए कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एहतियाती तौर इन इलाकों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई गई है।’

अधिकारी ने बताया कि कश्मीर घाटी में और कहीं भी लोगों की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं है हालांकि पूरी कश्मीर घाटी में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लोगों के इकट्ठे होने पर प्रतिबंध जरूर लगा हुआ है। कानून-व्यवस्था को कायम रखने के लिए और लोगो में सुरक्षा की भावना को बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। व्यावसायिक केंद्र लाल चौक समेत शहर के प्रमुख इलाकों में निजी वाहन और ऑटो रिक्शा कम ही नजर आए। हालांकि अलगाववादियों द्वारा शाम के वक्त हड़ताल में छूट दिए जाने के कारण हालात सामान्य की ओर बढ़े। कश्मीर में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में अब तक 84 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई हजार घायल हैं। यहां चौथे महीने भी जारी अशांति के कारण दुकानें, कारोबारी संस्थान, पेट्रोल पंप और शैक्षणिक संस्थान बंद पड़े हुए हैं। जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत अब तक लगभग 300 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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