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कश्मीर घाटी में थमा सामान्य जनजीवन, जुमे की नमाज के बाद कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका

आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से अलगाववादी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
Author श्रीनगर | December 2, 2016 15:47 pm
कश्मीर के बारिपुरा मिलिट्री बेस की तस्वीर। यहां भारत-पाक की सीमा है। Sept. 21, 2016. (AP Photo)

कश्मीर घाटी में जुमे की नमाज के बाद कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते लोगों और यातायात की आवाजाही शुक्रवार (2 दिसंबर) को अपेक्षाकृत कम रही। अधिकारियों ने बताया कि अलगाववादियों के हड़ताल के आह्वान की वजह से कश्मीर के अधिकतर क्षेत्रों में ज्यादातर दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। अलगाववादियों ने शुक्रवार को हड़ताल में किसी तरह की ढील देने का ऐलान नहीं किया है इसलिए इन दुकानों, पेट्रोल पंपों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आज (शुक्रवार, 2 दिसंबर) खुलने की कोई संभावना भी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि श्रीनगर के कुछ क्षेत्रों में कुछ सार्वजनिक वाहन सड़क पर दिखे। उन्होंने बताया कि टीआरसी चौक-बटमालू के नजदीक कुछ दुकानदारों ने अपने खोखे लगा लिए। आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से अलगाववादी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। अलगाववादियो ने आंदोलन के कार्यक्रम में शनिवार और रविवार को ढील देने की घोषणा की थी। घाटी में जारी अशांति में दो पुलिस कर्मियों समेत कुल मिलाकर 86 लोगों की मौत हो चुकी है और कई हजार लोग घायल हुये हैं। संघर्ष में करीब 5000 सुरक्षा बल कर्मी भी घायल हुये हैं।

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First Published on December 2, 2016 3:47 pm

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