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जम्मू-कश्मीर में पैलेट गन से चोटिल हुए लोगों की संख्या 1,000 पहुंची

इन 1,000 लोगों में से 820 लोगों का इलाज श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में हुआ है।
Author श्रीनगर | October 13, 2016 20:06 pm
पैलेट गन से चोटिल लोगों में 80 प्रतिशत मरीजों की उम्र 26 साल से कम है।

हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा को तीन महीने पूरे हो चुके हैं। इन तीन महीनों में कश्मीर में जमकर हिंसा हुई। कश्मीर में हिसा के दौरान उग्र भीड़ को काबू में लाने के लिए पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया। पैलेट गन के इस्तेमाल से कई लोगों की आखों में चोटें आईं। 35 साल के मो. एहसान 1000वें शख्स हैं जिनकी आंख में पैलेट गन से चोट आई है। इन 1,000 लोगों में से 820 लोगों का इलाज श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में हुआ है। एहसान को दायीं आंख में चोट लगी थी। श्रीनगर में प्रदर्शन के दौरान एहसान को चोट लगी थी। एहसान का इलाज कर रहे डॉक्टर बताते हैं कि एहसान की मल्टिपल सर्जरी की जाएगी पर उसके बाद भी उसकी आंख की पूरी रोशनी वापस नहीं आ सकेगी। अस्पताल के मुताबिक आंख की चोट के इलाद के लिए भर्ती किए गए 820 लोगों में से कम से कम 80 प्रतिशत मरीजों की उम्र 26 साल या उससे कम थी। 30 मरीजों की उम्र 15 साल या उससे कम थी। 457 लोगों को आंख में ‘मल्टिपल स्ट्रक्चरल डैमेज’ हुआ। इन सभी की 2 से जेयादा सर्जरी की गई। डाक्टरों को अब तक 14 आंखें निकालना पड़ा। 44 मरीजों की दोनों आंखों में चोटें आईं। डॉ. तारिक कुरैशी बताते हैं कि 5 वॉर्ड ऐसे मरीजों की देखरेख के लिए बनाए गए हैं।

9 जुलाई से अभी तक श्रीनगर के SKIMS मेडिकल कॉलेज में अब तक 131 मरीज दाखिल किए गए हैं। आठ जुलाई को एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर में अशांति है। प्रतिनिधिमंडल घाटी में शांति बहल करने के उद्देश्य से लोगों एवं समूहों से बातचीत करेगा। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि संप्रग सभी हितधारकों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। आजाद ने संप्रग के सदस्य दल राकांपा के नेता तारिक अनवर की मौजूदगी में कहा, ‘हमने कहा कि वार्ता का विकल्प सभी हितधारकों के लिए खुला होना चाहिए। सरकार को सभी हितधारकों के साथ बातचीत करनी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार को पता है कि हितधारक कौन हैं। उन्हें हितधारकों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें आमंत्रित करना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पैलेट गनों की जगह कम घातक विकल्पों को जगह देनी चाहिए।

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