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कश्मीर में बढ़ी घुसपैठ, पुराने रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं आतंकवादी

राज्य में दक्षिणी कश्मीर आतंकवाद के गढ़ के रूप में उभरा है।
Author श्रीनगर | July 7, 2016 21:11 pm
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

कश्मीर में घुसपैठ बढ़ रही है जहां इस वर्ष नियंत्रण रेखा के पार से करीब सौ आतंकवादी घाटी में घुसे और वहां से उनके दक्षिण की ओर जाने के लिये अपनाये गये रास्तों में वह मार्ग भी है जहां से जहां से पाकिस्तानी हमलावर 1947 में घुसे थे। राज्य में दक्षिणी कश्मीर आतंकवाद के गढ़ के रूप में उभरा है। काउंटर इन्फीलट्रेशन ग्रिड :सीआईजी: के विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के करीब सौ आतंकवादी बारामूला के गुलमर्ग और बोनियार की ऊपरी चोटियों से घाटी में घुसे और युसमार्ग होते हुए राज्य के दक्षिणी हिस्सों तक पहुंच चुके हैं। इसी मार्ग से पाकिस्तान के कबायलियों ने जम्मू…कश्मीर पर नियंत्रण करने के लिए घुसपैठ की थी।

इनमें से करीब 20 से 25 आतंकवादी नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं। पिछले वर्ष 30 जून तक नियंत्रण रेखा से 34 आतंकवादियों ने घाटी में घुसपैठ की थी। इस वर्ष जून में ऐसे कई मामले सामने आए जब आतंकवादियोें ने गुलमर्ग की ऊँची चोटियों से भारत में घुसपैठ की और बाबा रेशी तक पहुंच गए और दक्षिण कश्मीर की तरफ जाने से पहले वहां अपने हथियार और गोला…बारूद को इकट्ठा किया। यहां से वे स्थानीय वाहनों या पैदल ही युसमार्ग…पाखरपुरा मार्ग से पुलवामा तक पहुंचे। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने मध्य कश्मीर के युसमार्ग के ऊपरी इलाकों में निचनाई के जंगलों में करीब एक दर्जन आतंकवादियों के मौजूद होने की सूचना दी है।

भारतीय सेना ने 1947 में कश्मीर पर नियंत्रण करने के पाकिस्तानी घुसपैठियों के प्रयास को नाकाम कर दिया था जिसमें उसके कुछ सैनिक भी शामिल थे।
पाखरपुरा में धार्मिक स्थान होने के कारण इलाके में लोगों की काफी चहल…पहल रहती है और इसकी लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है जिससे सुरक्षा बलों को आतंकवादियों की तुरंत पहचान करने में काफी मुश्किल आती है।

यह बात प्रकाश में आने के बाद कि आतंकवादी दक्षिण की तरफ जाने के लिए पहाड़ी रास्ते के बजाए सार्वजनिक सड़कों का प्रयोग कर रहे हैं, सुरक्षा बलों ने उन्हें बैरीकेडिंग करने का सुझाव दिया है। इस मुद्दे पर सेना जहां चुप्पी साधे हुए है वहीं सूत्रों ने कहा कि नियंत्रण रेखा पार करने वाले आतंकवादियों के बारे में स्थानीय पुलिस को मिली सूचना से राज्य भर में कई मुठभेड़ हुई ।

गुलमर्ग…युसमार्ग का उपयोग लश्कर ए तैयबा के आतंकवादी नावीद और नोमान ने पिछले वर्ष अगस्त में किया था। इन दोनों को उधमपुर ले जाया गया जहां उन्होंने बीएसएफ की बस पर हमला कर दो जवानों को मार दिया। जवाबी कार्रवाई में नोमान मारा गया था और नवीद को स्थानीय लोगों की मदद से गिरफ्तार किया गया। राज्य के अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की लगातार चेतावनी के बावजूद इस मार्ग पर नजर रखने के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया गया।

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