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कश्मीर: बुुरहान वानी के मारे जाने के बाद नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशें बढ़ीं

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि यह बात संज्ञान में आई है कि कुछ प्रमुख अलगाववादी नेता पाकिस्तान या पाक के कब्जे वाले कश्मीर आधारित उग्रवादी नेताओं के संपर्क में हैं।
Author नई दिल्ली | November 23, 2016 05:17 am
बुरहान वानी ।

सरकार ने माना कि आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद और उड़ी हमले से पहले नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर से घुसपैठ की कोशिशों में वृद्धि हुई है। रक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष भामरे ने राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आकलन के मुताबिक, बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घुसपैठ की कोशिशों में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ को रोकने के लिए सख्त रणनीति अपनाई है जिसमें घुसपैठ को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए प्रौद्योगिकी और मानवीय संसाधनों का उपयोग शामिल है।

एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि नवोन्मेष आधारित सैन्य टुकड़ी की तैनाती, निगरानी का पूर्व सक्रिय उपयोग, निगरानी के उपाय, घुसपैठ रोधी बाधा प्रणाली से घुसपैठ को रोकने और बच निकलने का प्रयास करने वाले आतंकवादियों की पहचान करके और उनको रोकने की क्षमता में वृद्धि हुई है।भामरे ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सरकार को पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविरों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिलती रहती है जिसे नियमित रूप से अद्यतन किया जाता है। समय-समय पर पाकिस्तान के समक्ष राजनयिक और सैनिक चैनलों के माध्यम से यह मुद्दा उठाया जाता है।

नोटबंदी से जम्मू कश्मीर में आतंक, पथराव की घटनाओं पर असर : सरकार ने बताया कि 500 और 1000 रूपये के नोटों को अमान्य करने के कदम से जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों और पत्थर फेंकने वालों को पैसा नहीं मिल पाने से उन पर बुरी तरह असर पड़ा है।लोकसभा में रमा देवी के पूरक प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि नोटबंदी के कारण देश में फर्जी या जाली नोटों को भेजने की गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं और इस कदम के बाद से पथराव जैसी किसी घटना की सूचना नहीं है।
उन्होंने कहा कि जाली या फर्जी नोटों के देश के भीतर भेजने की गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हुई है। आतंक का वित्त पोषण काफी प्रभावित हुआ है और कश्मीर में पत्थर फेेंकने वालों को पैसे का भुगतान रुका है। रिजिजू ने कहा कि सूचनाएं इंगित करती हंै कि कश्मीर में पड़ोसी देश द्वारा प्रायोजित विघटनकारी तत्वों और अलगावादियों के बीच सांठगांठ है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कानून के उपबंधों के तहत आश्वयक कार्रवाई की जाती है।

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि यह बात संज्ञान में आई है कि कुछ प्रमुख अलगाववादी नेता पाकिस्तान या पाक के कब्जे वाले कश्मीर आधारित उग्रवादी नेताओं के संपर्क में हैं। उनके बारे में यह माना गया है कि वे इस प्रकार की प्रतिकूल गतिविधियों के लिए पाकिस्तानी संगठनों से अनुदेश और वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, राज्य सुरक्षा समीक्षा समन्वय समिति के निर्णय के तहत सुरक्षा वर्गीकरण के आधार पर राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा कवर मुहैया कराया जाता है जिनमें अन्य बातों के साथ साथ पीसीओ, गार्ड और वाहन शामिल होते हैं। सितंबर 2019 से भारत को मिलने लगेंगे राफेल विमान : सरकार ने बताया कि फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की सुपुर्दगी भारत को सितंबर 2019 से शुरू होगी और अप्रैल 2022 में पूरी हो जाएगी।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने भारतीय वायु सेना की लड़ाकू विमानों की जरूरत पूरी करने के लिए फ्रांस सरकार से 36 राफेल विमान खरीदने का निर्णय किया है। इस सिलसिले में 23 सितंबर 2016 को फ्रांस सरकार के साथ एक अंतर सरकारी करार पर हस्ताक्षर किए गए हैं।पर्रीकर ने बताया कि फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की सुपुर्दगी भारत को सितंबर 2019 से शुरू होगी और अप्रैल 2022 में पूरी हो जाएगी। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि राफेल विमान हवा से हवा में मार करने वाली उन्नत एमईटीईओआर मिसाइलों, लघु और मध्यम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली एमआईसीए मिसाइलों और लक्ष्य निर्देशित हवा से सतह पर मार करने वाली एससीएएलजी मिसाइलों से सुसज्जित होगा। इससे वायु सेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी।

 

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