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डोकलाम जैसी स्थिति के लिए तैयार रहना होगा: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

कश्मीर में कट्टरपंथ की समस्या का समाधान काफी गंभीरता से किया जा रहा है। इसके बढ़ने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया को भी जिम्मेदार ठहराया।
Author श्रीनगर | October 22, 2017 00:35 am
डोकलाम भूटान और चीन के बीच विवादित क्षेत्र है।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि भारत-चीन सीमा पर डोकलाम जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सेना को तैयार रहना होगा। यहां एक समारोह में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि माउंटेन स्ट्राइक कोर को ‘प्रतिरोधक बल’ के तौर पर तैयार किया जा रहा है और इसके गठन की प्रक्रिया समय के मुताबिक चल रही है। इस बल को 17 कोर के नाम दिया गया है। यह पूछने पर कि क्या 17 कोर का गठन चीन से निपटने के लिए किया जा रहा है, रावत ने कहा, ‘हमें ये क्यों कहना चाहिए कि यह किसके खिलाफ है? यह प्रतिरोध के लिए है और प्रतिरोध देश के समक्ष आने वाली किसी भी खतरे के खिलाफ है।’  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट की समिति ने 2014 में 17 कोर के गठन को मंजूरी दी थी। अभी तक कोर के एक डिवीजन के लिए करीब 25 हजार सैनिकों को तैयार किया गया है जिसका मुख्यालय फिलहाल रांची में स्थित है। सभी डिवीजनों का गठन पूरा हो जाने के बाद यह कोर पश्चिम बंगाल के पानागढ़ से काम करेगा।

सेना प्रमुख से पूछा गया कि क्या वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के किसी अन्य हिस्से में चीन के साथ डोकलाम जैसे किसी गतरोध की संभावना है तो उन्होंने कहा, ‘हमें तैयार रहना होगा।’ भारत की सेना ने चीन की सेना को एक सड़क निर्माण करने से रोक दिया था जिससे 16 जून से भारत और चीन की सेना के बीच करीब 73 दिनों तक गतिरोध की स्थिति बनी रही। सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि कश्मीर घाटी में सुरक्षा स्थिति में सुधार हो रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने 47 आरर्मड डिवीजन को राष्ट्रपति ध्वज से नवाजा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में कट्टरपंथ की समस्या का समाधान काफी गंभीरता से किया जा रहा है। इसके बढ़ने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथ बढ़ रहा है। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि लोग इस तरह के कट्टरपंथ से दूर रहें। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथ मुख्यतया सोशल मीडिया की वजह से बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा- मेरा मानना है कि कश्मीर घाटी में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हो रहा है और कश्मीर घाटी में अब जो भी हो रहा है वह आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद में ‘उतार-चढ़ाव’ होता रहता है। उन्होंने कहा कि हम आतंकवादियों का सफाया करते रहेंगे। एलओसी के पार आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों के फिर से खुलने के बारे में पूछने पर जनरल रावत ने कहा कि वे कभी बंद नहीं हुए थे। यह पूछने पर कि क्या सेना सीमा के उस पार संचालित आतंकवादी शिविरों को ध्वस्त करने के लिए लक्षित हमले करेगी तो उन्होंने कहा कि हम पहले ही कह चुके हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक एक तरीका है (सीमा पार संचालित आतंकवादी ढांचों से निपटने के लिए)। दूसरे तरीके भी हैं। सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि पठानकोट, उड़ी और नगरोटा में हुए आतंकवादी हमले की जांच पूरी हो चुकी है और कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि दोषी पाए गए लोगों को दंडित किया जा रहा है। किसी को नहीं बख्शा गया है।

बारामूला : पाक गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कमालकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में सेना के लिए ढुलाई का काम करने
वाला एक व्यक्ति मारा गया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि कमालकोट इलाके में एलओसी के पास पाकिस्तानी सेना की तरफ से बिना किसी उकसावे के संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया। अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना की अंधाधुंध गोलीबारी में सेना के लिए ढुलाई का काम करने वाला एक असैन्य व्यक्ति मारा गया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने संघर्षविराम उल्लंघन का करारा जवाब दिया। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी गोलीबारी में एक लड़की भी घायल हो गई। उसे उपचार के लिए उरी के एक अस्पताल ले जाया गया। पाकिस्तान की ओर से इस साल संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 12 अक्तूबर को पाकिस्तानी सेना के संघर्षविराम उल्लंघन की घटना और पुंछ जिले में एलओसी के पास अग्रिम इलाके में गोलाबारी में सेना का एक जवान और ढुलाई का काम करने वाला एक व्यक्ति मारा गया और छह घायल हो गए थे।

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